
तारिक रहमान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bangladesh Election BNP Manifesto Hindi: बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है।
पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने 51 बिंदुओं वाला यह विस्तृत मेनिफेस्टो पेश किया जिसका मुख्य विजन साल 2034 तक ‘नया बांग्लादेश’ बनाने का है। इस घोषणापत्र में कई ऐसे बड़े वादे किए गए हैं जो देश की राजनीति और शासन व्यवस्था की तस्वीर बदल सकते हैं।
BNP के घोषणा पत्र की सबसे बड़ी विशेषता सत्ता के विकेंद्रीकरण और लोकतांत्रिक सुधारों पर जोर देना है। पार्टी ने वादा किया है कि यदि वे सत्ता में आते हैं तो प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का कार्यकाल अधिकतम 10 साल (दो कार्यकाल) के लिए सीमित कर दिया जाएगा। इसके लिए पार्टी बकायदा कानून लाने की योजना बना रही है। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने वर्तमान ‘जातीय संसद’ (लोकसभा) के साथ-साथ एक उच्च सदन (राज्यसभा) के गठन का भी प्रस्ताव रखा है जिसमें महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की घोषणा की गई है।
विदेश नीति को लेकर BNP ने एक संतुलित और दोस्ताना रुख अपनाने का संकेत दिया है। घोषणापत्र में कहा गया है कि बांग्लादेश सभी देशों के साथ दोस्ती करेगा और उसकी प्राथमिकता अपने लोग होंगे। विशेष रूप से, भारत के साथ दोस्ताना संबंधों को जारी रखने की बात कही गई है लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश की स्वतंत्र विदेश नीति में किसी भी बाहरी देश का दखल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आर्थिक मोर्चे पर मतदाताओं को लुभाने के लिए BNP ने ‘मेड इन बांग्लादेश’ पर फोकस करने और हर गरीब परिवार को प्रतिमाह 2500 टका की आर्थिक सहायता देने का वादा किया है। रोजगार के क्षेत्र में पार्टी ने 1 लाख स्वास्थ्यकर्मियों और शिक्षा विभाग में 50 हजार नई नौकरियों की बहाली की बात कही है। इसके अलावा, भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच कमेटी बनाने और अनुच्छेद-70 में संशोधन कर दल-बदल पर रोक लगाने का भी संकल्प लिया गया है।
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एक दिलचस्प पहलू यह है कि पूरे 51 बिंदुओं के घोषणापत्र में अवामी लीग की नेता और पूर्व पीएम शेख हसीना को लेकर कोई सीधा हमला या टिप्पणी नहीं की गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह BNP की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है ताकि वे चुनाव से पहले अवामी लीग के वफादार वोटों में सेंध लगा सकें। बांग्लादेश में 12 फरवरी को मतदान होना है और 15 फरवरी को नतीजों की घोषणा की जाएगी, जिससे यह साफ होगा कि क्या तारिक रहमान का यह ‘नया बांग्लादेश’ का सपना जनता को रास आता है या नहीं।






