

Ajit Pawar-Anjana Krishna Phone Call Controversy: सोलापुर जिले के कुई में मुरुम के अवैध खनन मामले में डिप्टी सीएम अजित पवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। माढा तहसीलदार ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट सोलापुर जिला कलेक्टर को भेजी है।
माढा तहसीलदार की रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि कुई में मुरुम का अवैध खनन किया जा रहा था। जब इसे रोकने के लिए डीएसपी के पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा वहां पहुंचीं तो एनसीपी के एक कार्यकर्ता ने सीधे अजित पवार को फोन लगा दिया था जिसमें वे अवैध खनन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को रोकने के आदेश दे रहे थे।
इस दौरान डिप्टी सीएम पवार ने धमकी दी थी। ऐसे में अब तहसीलदार की रिपोर्ट आने के बाद अजित बैकफुट पर गए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर डीसीएम ने अवैध खनन के खिलाफ की जा रही पुलिस कार्रवाई को रोकने की कोशिश क्यों की।
यह मामला 2024 में शुरू हुआ था जब कुई में मुरुम उत्खनन की अनुमति दी गई थी। हालांकि इस आदेश की समाप्ति के बाद भी बिना किसी अनुमति के उत्खनन किया जा रहा था। तहसीलदार की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मुरुम दादाराव माने के खेत से निकाला गया था।
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह उत्खनन अवैध था। इस तरह जिला प्रशासन ने भी आईपीएस अंजना कृष्णा की कार्रवाई को सही बताया है।
सोलापुर जिले के करमाला की पुलिस उपाधीक्षक अंजना कृष्णा फोन पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार को पहचान नहीं पाईं। इसके बाद अजित पवार ने उन्हें फटकार लगाई और लाइव वीडियो कॉल किया। अंजलि कृष्णा और अजित पवार के बीच बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अजित पवार से नाराज हो गए हैं। डिप्टी सीएम को महायुति में लेने की वजह से पहले ही किरकिरी झेल रहे सीएम देवेंद्र, आईपीएस प्रकरण के बाद उनसे दूरी बनाने लगे हैं।