कोरोना, लॉकडाउन और खतरनाक लत...भारत में कैसे हुई 'किलर' कोरियन कल्चर की एंट्री, क्यों बन गया जानलेवा जुनून?

Ghaziabad Triple Suicide Case: यूपी के गाजियाबाद में कोरियन रहन-सहन की लत की वजह से मौत को गले लगा लिया है। जिसके बाद आप भी यह जानने को उत्सुक होंगे कि कोरियन कल्चर का भारत में इतना प्रसार कैसे हुआ?
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सांकेतिक तस्वीर (AI जनरेटेड)
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Korean Culture Entry in India: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने इमारत की 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस केस में पहले 'कोरियन लव' गेम का जिक्र आया और कहा गया कि गेम की टास्क की वजह से बच्चियों ने सुसाइड किया है। लेकिन पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी में कहानी कुछ और निकली।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस जांच में पता चला है कि इन बच्चियों ने 'कोरियन लव' गेम नहीं, बल्कि कोरियन रहन-सहन की लत की वजह से मौत को गले लगा लिया है। जिसके बाद लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि कोरियन कल्चर का इंडिया में इतना प्रसार कैसे हुआ, और ऐसा क्या हुआ कि तीन नाबालिग बच्चियां 'मौत' चुनने को मजबूर हो गईं।

कैसे हुई कोरियन कल्चर की एंट्री?

दरअसल, कोरोना के बाद से इन बच्चियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया। कोरोना काल को ही भारत में 'कोरियन कल्चर' के पदार्पण का जिम्मेदार माना जा रहा है। क्योंकि इस दौरान की भारत में कोरियन वेब शोज का चलन बढ़ा, लोगों ने लॉकडाउन और समय व्यतीत करने के लिए इन्हें देखना शुरू किया।

जानलेवा बन गया कोरियन कल्चर!

आमतौर पर किसी भी विदेशी वेब शो या फिल्म देखना या गेम खेलना बुरा नहीं है, लेकिन ये नाबालिगों के दिमाग पर हावी होने लगें और उन्हें मौत को गले लगाने के लिए मजबूर करें तो यह खौफनाक हो जाता है। गाजियाबाद का 'ट्रिपल सुसाइड' केस इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। तीनों नाबालिग बच्चियां कोरियन शोज देखते-देखते उसकी इतना आदी हो गईं कि जब उनसे फोन ले लिया गया तो उन्होंने मौत का रास्ता अख्तियार कर लिया।

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संदर्भित बैकग्राउंड के साथ पुलिस को मिली डायरी का पन्ना (डिजाइन)

ओटीटी प्लेटफार्म्स ने दिया बढ़ावा

2020-21 में COVID-19 की वजह से हुए लॉकडाउन के दौरान, लोग अपने घरों में बंद थे और OTT प्लेटफॉर्म पर ज्यादा समय बिता रहे थे। भारतीय बॉलीवुड और हॉलीवुड के एक जैसे कंटेंट से बोर हो गए थे। लॉकडाउन के दौरान, उन्होंने Netflix, Viki और YouTube पर विदेशी शो देखना शुरू कर दिया।

क्यों जल्दी से फैले कोरियन वेब शो?

कोरियन ड्रामा अपनी इमोशनल कहानियों, हाई प्रोडक्शन क्वालिटी और नए थीम की वजह से अलग दिखे, जो भारतीय संस्कृति से मिलते-जुलते थे। कोरोना के दौरान स्कूल बंद होने से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन दिए गए। जिस पर उन्होंने कोरियन शो देखना शुरू कर दिया। इस बढ़े हुए स्क्रीन टाइम की वजह से कोरियन कंटेंट तेजी से फैल गया।

'स्क्विड गेम्स' ने दिलाई पॉपुलैरिटी

स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने महामारी के दौरान कोरियन शोज को खूब प्रमोट किया। खासकर Netflix ने कई कोरियन ड्रामा को हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में डब और सबटाइटल किया, जिससे वे ज्यादा लोगों तक पहुंच सके। क्रैश लैंडिंग ऑन यू, गॉब्लिन और इटावन क्लास जैसे शो लॉकडाउन के दौरान बहुत पॉपुलर हुए। इसके बाद 2021 में स्क्विड गेम्स गेमचेंजिंग साबित हुआ।

इंस्टाग्राम ने भी निभाई बड़ी भूमिका

Instagram ने इस ट्रेंड को और हवा दी। कोरियन ड्रामा और K-pop से जुड़े क्लिप, मीम्स और रील्स वायरल हो गए। कई बच्चों ने तो पूरे शो को छोटे-छोटे रील्स में तोड़कर देखा। क्योंकि इन शो और गेम्स में ज्यादा हिंसा नहीं थी, इसलिए माता-पिता ने ज्यादा आपत्ति नहीं की। अब, भारत के छोटे शहरों की लड़कियों के घर से भागने के कई मामले सामने आए हैं क्योंकि वे कोरिया जाना चाहती हैं।

ट्रिपल सुसाइड में डायरी ने खोले राज

गाजियाबाद सुसाइड केस में पुलिस को एक डायरी मिली है जिसमें लड़कियों ने साफ तौर पर लिखा है कि वे कोरियन कल्चर से बहुत ज्यादा प्रभावित थीं और उससे अलग होना बर्दाश्त से बाहर था। डायरी में बार-बार कोरियन कल्चर, के-पॉप, कोरियन म्यूजिक, कोरियन फिल्में, कोरियन शॉर्ट फिल्में, कोरियन शो और कोरियन सीरीज का जिक्र है। एक जगह अंग्रेजी में “WE LOVE KOREAN CULTURE” भी लिखा है।

पुलिस जांच में पता चला कि परिवार ने हाल ही में लड़कियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। तीनों लड़कियों ने इस बारे में अपनी परेशानी डायरी में भी लिखी थी। उन्होंने लिखा, 'मोबाइल फोन छीन लिए जाने से वे बहुत दुखी और अकेला महसूस कर रही थीं।' ऐसा माना जा रहा है कि इन्हीं वजहों के चलते लड़कियों ने मौत को चुन लिया।

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