
शिवेंद्रराजे की “गुगली” (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Solapur News: पालकमंत्री जयकुमार गोरे सोलापुर जिले में बल्लेबाजी करने नहीं, बल्कि राजनीतिक विकेट गिराने के लिए आए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें इसी काम के लिए खासतौर पर भेजा है, और उन्होंने हाल ही में कुछ विकेट गिरा भी दी हैं, ऐसा बड़ा खुलासा राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने किया।
माळशिरस के पूर्व विधायक (स्व.) श्यामराव पाटिल के पुत्र प्रकाश पाटिल, बहू श्रीलेखा पाटिल और उनके सभी पोते-पोतियों ने भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश किया। इस कार्यक्रम में जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, बांधकाम मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, ग्रामविकास मंत्री व पालकमंत्री जयकुमार गोरे, विधायक सचिन कल्याणशेट्टी, गोपीचंद पडळकर, पूर्व सांसद रणजीतसिंह नाईक-निंबालकर, पूर्व विधायक राम सातपुते, राजन पाटिल, भाजपा जिलाध्यक्ष चेतन केदार और अन्य मान्यवर उपस्थित थे।
माळशिरस तालुका के दिवंगत विधायक श्यामराव पाटिल का परिवार मोहिते पाटिल घराने के कट्टर विरोधक के रूप में जाना जाता है। भाजपा ने श्यामराव पाटिल के परिवार को पार्टी में शामिल कराकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि मोहिते पाटिल गट का प्रभाव अब खत्म हो चुका है। इस कार्यक्रम में मौजूद नेताओं के भाषण भी इसी स्वर में रहे और कई नेताओं ने मोहिते पाटिल पर तीखे प्रहार किए।
शिवेंद्रराजे भोसले ने अपने भाषण में कहा, “कांग्रेस की आदत सिर्फ गीले कपड़े सुखाने जैसी है। वे कुछ करते नहीं, बस दिखावा करते हैं। भाजपा विकास करने वाला पक्ष है। मराठा आरक्षण मुख्यमंत्री के प्रयासों से ही मिला है। ओबीसी आरक्षण घटाए बिना सबको न्याय मिला है। इसलिए आगामी विधानसभा चुनाव अकलूज नगर परिषद की जीत से ही शुरू होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “आमदारकी (विधायक पद) क्या होती है, यह लोगों को रामभाऊ सातपुते के कार्यों से पता चला। यहां के सत्ताधारी न तो पानी ला सके, न एमआयडीसी। सोलापुर जिले में ‘ऑपरेशन लोटस’ अभी रुका नहीं है और रुकेगा भी नहीं। मुख्यमंत्री ने मुझ पर जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह पूरी किए बिना मैं कहीं नहीं जाऊँगा। हम किसी को नीचा दिखाने नहीं, बल्कि भाजपा को मजबूत करने आए हैं। मुख्यमंत्री राम सातपुते के पूरी तरह साथ हैं, और आने वाले चुनाव में नेतृत्व उन्हीं के हाथ में रहेगा,” ऐसा स्पष्टीकरण पालकमंत्री गोरे ने दिया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना में प्रकाश पाटिल ने कहा, “हम पिछले 40 सालों से कांग्रेस के प्रति निष्ठावान रहे हैं। जिस भी पार्टी में रहेंगे, ईमानदारी से काम करेंगे। भाजपा के माध्यम से राज्य और देश में विकास कार्य हो रहे हैं। सुशिक्षित बेरोजगारों की समस्या जटिल है। तालुका में औद्योगिक क्षेत्र की सख्त आवश्यकता है। विकास के साथ रहना ही हमारा उद्देश्य है, इसलिए हमने भाजपा का दामन थामा है।”
पूर्व विधायक राम सातपुते ने कहा, “प्रकाश पाटिल का परिवार लड़ाकू और निष्ठावान रहा है। अगर वे विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में आ गए होते, तो मैं आज पूर्व विधायक नहीं होता। 2009 में दिलीप कांबले को सिर्फ पाँच हजार वोट मिले थे, जबकि मोहिते पाटिल और उत्तम जानकर दोनों गुट एक साथ थे, फिर भी मुझे एक लाख आठ हजार मत मिले। इसका कारण यह है कि मालशिरस तालुका का भाजपा कार्यकर्ता बेहद निष्ठावान और सक्रिय है। यहां की भ्रष्ट प्रस्थापित व्यवस्था को हटाने के लिए हम सब एकजुट हो रहे हैं। इन सत्ताधारियों ने जानबूझकर 22 गांवों को पीढ़ियों से पानी से वंचित रखा, और अब वे छह जिलों को पानी देने की बात कर रहे हैं।”
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पूर्व सांसद रणजीतसिंह नाईक-निंबालकर ने कहा, “भाजपा ही वह पार्टी है जो राज्य के अधूरे काम पूरे कर सकती है। हमने रेल परियोजनाओं के लिए फंड लाया है। मोहिते पाटिल की विश्वसनीयता अब समाप्त हो चुकी है।”विधायक गोपीचंद पडलकर ने कहा, “मोहिते पाटिल को 1977 में पानी पिलाने वाला यही पाटिल परिवार है। प्रकाश पाटिल के भाजपा प्रवेश कार्यक्रम में तीन मंत्री आए, इससे ही उनका महत्व समझा जा सकता है।”
राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा, “दिवंगत श्यामराव पाटिल और हमारे परिवार का पुराना स्नेह है। जो खुद को ‘जाणता राजा’ (ज्ञानी राजा) कहते हैं, उन्होंने इस क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया। बारामती का आधा इलाका आज भी सूखा है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जो गलतियाँ हुईं, उन्हें मुख्यमंत्री ने माफ करते हुए नीर-देवघर धरण परियोजना के लिए निधि दी है। कृषि महामंडल की 1800 एकड़ भूमि एमआयडीसी को मुफ्त दी गई है। पाटिल परिवार के भाजपा में आने से मेरी पुरानी इच्छा पूरी हुई है।”






