ईरान-अमेरिका जंग: मालदीव में फंसे इटली के 1500 पर्यटक; चीन ने उठाई तत्काल युद्धविराम की मांग

Middle East Tension: मिडिल ईस्ट संकट पर मालदीव, चीन और इटली ने गहरी चिंता जताई है। जहां मालदीव ने हमलों की निंदा की है, वहीं इटली ने तेल की कीमतों और फंसे हुए पर्यटकों पर चिंता जताई है।
Iran-US war: 1,500 Italian tourists stranded in Maldives; China calls for immediate ceasefire
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान जंग पर जताई चिंता, कॉन्सेप्ट फोटो
Published on
Updated on

Maldives statement Iran Gulf War: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच का सैन्य संघर्ष अब वैश्विक कूटनीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कई प्रमुख देशों ने क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और आम नागरिकों पर हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

मालदीव की कड़ी निंदा और शांति की अपील

मालदीव सरकार ने ईरान द्वारा सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे 'भाईचारे वाले देशों' पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। मालदीव ने कहा कि हवाई अड्डों और तेल सुविधाओं जैसे नागरिक इलाकों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और जिनेवा संधियों का खुला उल्लंघन है। इसके साथ ही, मालदीव ने इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों पर भी दुख जताया, विशेषकर एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले पर, जिसमें 100 से अधिक नागरिक हताहत हुए थे। मालदीव ने सभी पक्षों से तुरंत युद्धविराम की अपील की है ताकि हिंसा की इस श्रृंखला को रोका जा सके।

इटली के 1500 पर्यटक फंसे

भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली ने शांति बहाली पर जोर देते हुए कहा कि इटली और भारत की प्राथमिकता एक ही है तनाव को कम करना और कूटनीतिक बातचीत को बढ़ावा देना। उन्होंने खुलासा किया कि इस युद्ध का असर युद्ध के मैदान से कहीं दूर तक फैल चुका है। उदाहरण के तौर पर मालदीव में इटली के लगभग 1,500 पर्यटक फंस गए हैं। बार्टोली ने ऊर्जा स्थिरता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वे नहीं चाहते कि तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाएं क्योंकि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिर हो सकती है।

चीन का रुख: 'प्रभुसत्ता का हो सम्मान'

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर गहरी नजर बनाए रखने की बात कही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा तनाव बहरीन जैसे देशों की सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकता है। वांग यी ने स्पष्ट किया कि चीन हमेशा सभी देशों की प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता के सम्मान की वकालत करता है।

चीन ने आम नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर होने वाले हमलों की निंदा करते हुए सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकने का आह्वान किया है ताकि संघर्ष को और अधिक फैलने से बचाया जा सके। विश्व के इन प्रमुख देशों की अपील यह स्पष्ट करती है कि मिडिल ईस्ट का यह तनाव अब केवल एक क्षेत्रीय विवाद नहीं रह गया है, बल्कि इसने वैश्विक पर्यटन, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को सीधे तौर पर प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com