1 साल में जनता को क्या मिला? कांग्रेस ने महायुति सरकार को घेरा, वडेट्टीवार ने श्वेतपत्र मांगा

Mahayuti Government: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार के एक साल के कार्यकाल को निराशाजनक बताया। उन्होंने नागपुर सत्र में श्वेतपत्र पेश करने की मांग की।
Vijay Wadettiwar
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Vijay Wadettiwar Demand White Paper : महाराष्ट्र में महायुति सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर विपक्षी कांग्रेस ने सरकार को विफल बताया है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि पिछले 12 महीनों में लोगों को निराशा के अलावा कुछ नहीं मिला है, इसलिए आगामी शीतकालीन सत्र में श्वेतपत्र पेश किया जाए।

कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी नीत महायुति सरकार के एक साल के कार्यकाल ने महाराष्ट्र के लोगों को निराश किया है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार 8 दिसंबर से नागपुर में शुरू हो रहे विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में एक "श्वेतपत्र" पेश करे।

विजय वडेट्टीवार के अनुसार, इस श्वेतपत्र में सरकार के चुनाव-पूर्व वादों, फैसलों और उनके क्रियान्वयन का ब्यौरा होना चाहिए। श्वेतपत्र से तात्पर्य किसी सार्वजनिक हित के मुद्दे पर सूचना या प्रस्ताव देने वाली सरकारी रिपोर्ट से है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त है, जबकि लोगों को निराशा के अलावा कुछ नहीं मिला।

किसानों, महिलाओं और बच्चों के मोर्चे पर विफलता

पूर्व मंत्री वडेट्टीवार ने दावा किया कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन कई मोर्चों पर विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में किसानों की आत्महत्याओं में वृद्धि हुई है। कृषि उपज को गारंटीकृत मूल्य नहीं मिल रहा है, और किसान समय पर बीज या उर्वरक प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वडेट्टीवार ने कहा कि मराठवाड़ा में बाढ़ ने किसानों को तबाह कर दिया है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने और बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कुपोषित बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है और राज्य भर में सड़कों की हालत खराब हो गई है।

बिल्डर-मंत्री सांठगांठ और अवैध खनन का आरोप

कांग्रेस नेता ने सरकार पर "बिल्डर और मंत्रियों के बीच सांठगांठ" का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस सांठगांठ के चलते करोड़ों रुपये की जमीन हड़पी जा रही है। वडेट्टीवार ने यह भी आरोप लगाया कि आम लोग संघर्ष कर रहे हैं, जबकि चहेते उद्योगपति लाभान्वित हो रहे हैं।

उन्होंने चंद्रपुर जिले में अवैध कोयला खनन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि चंद्रपुर की बारंज कोयला खदान में नियमों का पूरी तरह उल्लंघन करते हुए अवैध खनन हो रहा है और लाखों रुपये का कोयला खुलेआम बाजार में बेचा जा रहा है।

वडेट्टीवार ने कहा कि 2023 में कोयला खनन की मंजूरी देते समय पर्यावरण विभाग द्वारा लगाई गई शर्तों का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण मंत्री से लेकर वन विभाग के अधिकारी तक, सभी कथित अनियमितताओं में शामिल हैं।

लोकतंत्र का अनादर

वडेट्टीवार ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह किसी भी सदन में विपक्ष का नेता नियुक्त नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन ना तो लोकतंत्र का सम्मान करता है और ना ही संविधान का, क्योंकि यह सरकार विपक्ष और असहमति की आवाज नहीं चाहती है। उन्होंने यह भी मांग की कि नियमित शीतकालीन सत्र के बजाय, महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी में एक पूर्ण बजट सत्र आयोजित किया जाए।

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