
बेटा बना CRPF जवान (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Gopal Sawant CRPF: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले से सामने आई एक भावुक कर देने वाली कहानी ने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल छू लिया है। जब एक युवक का केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) में चयन हुआ, तो वह सबसे पहले यह खुशखबरी अपनी मां को देने दौड़ पड़ा। मां उस समय रोज़ की तरह फुटपाथ पर सब्जियां बेच रही थीं।
बेटा मां के पास पहुंचते ही उनके पैरों में गिर पड़ा और आशीर्वाद लिया। पहले तो मां को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब बेटे ने बताया कि उसका सीआरपीएफ में चयन हो गया है, तो मां उसे सीने से लगाकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। यह आंसू खुशी और संघर्ष के वर्षों की मेहनत का परिणाम थे।
यह मामला कुडाल तालुका के पिंगुली गांव का है। युवक का नाम गोपाल सावंत है। गोपाल की मां फुटपाथ पर सब्जियां बेचकर परिवार का पालन-पोषण करती थीं। सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने बेटे के सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। गोपाल का लक्ष्य सेना में भर्ती होना था, जिसके लिए वह लंबे समय से कड़ी मेहनत कर रहा था।
Maharashtra के Sindhudurg ज़िले के कुडाळ तालुका के पिंगुळी गांव का रहने वाला गोपाल सावंत जब CRPF में चयन की खुशखबरी लेकर फुटपाथ पर सब्ज़ी बेच रही अपनी माँ के पास पहुँचा, तो भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा. जिसका वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।#maharashtra… pic.twitter.com/k2rVO8SUap — NavBharat Live (@TheNavbharatliv) January 18, 2026
जब सीआरपीएफ की चयन सूची में गोपाल का नाम आया, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह दोस्तों के साथ दौड़ते हुए उस जगह पहुंचा, जहां उसकी मां सब्जी बेच रही थीं।
इस पूरे भावुक क्षण को गोपाल के एक दोस्त ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में यह भी सुना जा सकता है कि वह फुटपाथ की ओर इशारा करते हुए कहता है, “यहीं से सब कुछ शुरू हुआ था। वह हर दिन यहां काम करती थीं ताकि उनका बेटा बड़े सपने देख सके।” वीडियो में मां यह कहते हुए भी सुनाई देती हैं कि, “मैं बस यही चाहती थी कि मेरा बेटा अपने पैरों पर खड़ा हो जाए।”
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यह वीडियो इंस्टाग्राम यूज़र विलास कुडालकर ने शेयर किया। उन्होंने लिखा कि पिंगुली के शेतकरवाड़ी निवासी गोपाल सावंत अब देश की सेवा करने जा रहे हैं और अपनी मेहनतकश मां को यह खुशखबरी सुनाते वक्त का दृश्य बेहद भावुक है।
सोशल मीडिया पर यूज़र्स लगातार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। किसी ने लिखा कि आज उस मां को उसकी तपस्या का फल मिला है, तो किसी ने कहा कि ऐसी परवरिश ही सच्ची सफलता की पहचान होती है। कई यूज़र्स ने मां के निस्वार्थ प्रेम और बेटे के संघर्ष को प्रेरणादायक बताया।






