
Rohit Dharmadhikari Arrested With Pistol in Pune (फोटो क्रेडिट-X)
Pune Crime News: पुणे पुलिस की अपराध शाखा के जबरन वसूली विरोधी दस्ते (Anti-Extortion Cell) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो खतरनाक हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार किया है। शहर के व्यस्त ज्ञानेश्वर पादुका चौक पर बिछाए गए जाल में फंसे इन अपराधियों के पास से पुलिस ने 4 अवैध देसी पिस्तौल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, ये अपराधी न केवल हथियार बेचने की फिराक में थे, बल्कि सांगवी इलाके में हुई एक पुरानी रंजिश का बदला लेने और वसूली के इरादे से इन हथियारों का उपयोग करने वाले थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित दुर्गेश धर्माधिकारी (24) और अभिषेक राजू टंकल (23) के रूप में हुई है। रोहित धर्माधिकारी पर पहले से ही आर्म्स एक्ट के 5 मामले दर्ज हैं, जबकि अभिषेक पर सरकारी कर्मचारी पर हमले का आरोप है।
पुणे पुलिस को अपने खुफिया तंत्र और पत्रकारों के माध्यम से सूचना मिली थी कि सांगवी इलाके का शातिर अपराधी रोहित धर्माधिकारी अपने साथी के साथ भारी मात्रा में हथियार लेकर शिवाजीनगर के ज्ञानेश्वर पादुका चौक पर आने वाला है। सूचना की संजीदगी को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज देशमुख और डीसीपी निखिल पिंगले के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने सादे लिबास में चौक के चारों ओर घेराबंदी की और जैसे ही दोनों संदिग्ध वहां पहुँचे, उन्हें चारों ओर से घेरकर दबोच लिया गया।
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तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 1,64,300 रुपये मूल्य के घातक हथियार बरामद हुए। जांच में यह बात सामने आई है कि रोहित धर्माधिकारी अवैध पिस्तौल बेचने में माहिर है और वह पुणे में हथियारों की सप्लाई करने वाले गिरोह का हिस्सा हो सकता है। आरोपी ने कबूल किया कि सांगवी में हुए एक झगड़े के बाद उसने अपनी सुरक्षा और विपक्षी गुट को डराने के लिए ये हथियार अपने पास रखे थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये पिस्तौलें उन्हें कहाँ से मिलीं और इनका ‘सप्लायर’ कौन है।
पुणे शहर में पिछले कुछ समय से अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। इस कार्रवाई को पुलिस निरीक्षक राम राजमाने और उनकी टीम, जिसमें पीएसआई गौरव देव और सुरेंद्र जगदाले शामिल थे, ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों की गिरफ्तारी से शहर में होने वाली संभावित गैंगवार और जबरन वसूली की वारदातों पर लगाम लगेगी। अदालत ने दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जहाँ उनसे हथियारों के स्रोत के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है।






