
पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Road Development Master Plan: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी और आईटी हब ‘पुणे’ अब अपनी पुरानी पहचान को आधुनिक रफ्तार देने के लिए तैयार है। शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर सड़क विकास अभियान शुरू किया है।
कात्रज-कोंढवा मार्ग के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अगले 15 दिनों में पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही, खड़ी मशीन चौक से उंड्री मार्ग का विकास ‘क्षेत्रीय विकास योजना’ (रीजनल प्लान) के अनुसार किया जाएगा।
महानगर पालिका (मनपा) के आगामी बजट में शामिल गांवों की कम से कम एक प्रमुख सड़क और 12 ‘मिसिंग लिंक’ सड़कों के निर्माण का प्रावधान किया जाएगा।
यह जानकारी मनपा आयुक्त नवल किशोर राम और जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने महानगर पालिका में आयोजित संयुक्त बैठक के बाद पत्रकारों को दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हाल ही में आयोजित ‘पुणे ग्रैंड टूर’ साइकिल स्पर्धा के लिए तैयार की गई सड़कों पर खुदाई की अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि उनकी गुणवत्ता बनी रहे।
आयुक्त राम ने बताया कि नौ वर्षों के अंतराल के बाद हुए मनपा चुनावों के कारण कई नए जनप्रतिनिधि और अधिकारी कार्यरत हुए है, इसलिए विभागीय तालमेल और जिम्मेदारी तय करना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि ‘पुणे ग्रैंड टूर’ के अवसर पर सभी विभागों ने रिकॉर्ड समय में 450 किलोमीटर सड़कों का निर्माण, मरम्मत, स्वच्छता और सौंदर्याकरण किया। इससे सिद्ध होता है कि बेहतर समन्वय से सीमित संसाधनों में भी बड़े कार्य संभव हैं।
जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने कहा, ‘साइकिल स्पर्धा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन ने अपनी कार्यक्षमता सिद्ध की है। स्पर्धा की वजह से सड़कें नहीं बनीं, बल्कि अच्छी सड़कों के कारण स्पर्धा का सफल आयोजन हो सका। प्रशासन का लक्ष्य 2026 तक 1500 किलोमीटर सड़कों का विकास करना है। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण और शहरी सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सड़क चौड़ीकरण और यातायात सुगम बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यदि दैनिक प्रशासनिक जिम्मेदारिया ईमानदारी से निभाई जाएं, तो 50% समस्याएं हल हो सकती है।।
नियमित समीक्षाः सभी विभागों की मासिक समन्वय बैठकें आयोजित की जाएंगी।
साइकिल ट्रैकः बेबी कैनाल क्षेत्र में कचरा फेंकने पर रोक लगाकर वहां साइकिल ट्रैक विकसित किया जाएगा।
केबल प्रबंधनः सड़क निर्माण से पहले बीएसएनएल और अन्य एजेंसियों को भूमिगत केबल का कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा। ओवरहेड केबल्स के लिए एक माह में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी।
खंभों को हटानाः अनुपयोगी बिजली के खंभों को अगले दो महीनों में हटाने का निर्णय लिया गया है ताकि सड़क चौड़ीकरण में बाधा न आए।
इन गांवों की सूरत बदलेगी: पीएमआरडीए के अंतर्गत आने वाले 23 गांवों में सड़क विकास कार्य तेज किए जाएंगे।
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सहभागी विभाग ‘परिवर्तन कक्ष’ की पहली बैठक में पुणे मनपा, जिला प्रशासन, पीएमपीएमएल, महावितरण, पीएमआरडीए, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल, महामेट्रो, जल संसाधन विभाग, आरटीओ, यातायात के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। पुलिस, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, बीएसएनएल और एमएसआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं।






