

Pune Water Supply Crisis: जल संसाधन विभाग द्वारा बकाया जल शुल्क (पानीपट्टी) नहीं भरने पर शहर की जलापूर्ति बंद करने की चेतावनी दिए जाने के बाद पुणे महानगरपालिका के जल आपूर्ति विभाग ने तत्काल 25 करोड़ रुपये जल संसाधन विभाग के पास जमा कर दिए हैं।
इस त्वरित भुगतान के बाद जल संसाधन विभाग ने फिलहाल शहर की पानी सप्लाई बंद नहीं करने का निर्णय लिया है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मनपा अब तक बकाया के रूप में कुल 251 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है।
खड़कवासला सिंचाई विभाग ने सिंचाई और गैर-सिंचाई मद में कुल 445.67 करोड़ रुपये की वसूली की है, जिसके साथ ही यह राज्य में सबसे अधिक जल शुल्क वसूलने वाला एकमात्र विभाग बन गया है।
मनपा और जल संसाधन विभाग के बीच बिलों के भुगतान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मनपा का दावा है कि वे घरेलू और व्यावसायिक दरों पर भुगतान करते हैं, जबकि विभाग उन्हें औद्योगिक दरों पर बिल भेज रहा है और बकाया पर दस प्रतिशत जुर्माना भी लगा रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री स्तर पर भी चर्चा की बात कही गई थी।
इसी बीच पिंपरी-चिंचवड मनपा ने भी 58.90 करोड़ रुपये और हिंजवड़ी व कुरकुंभ एमआईडीसी क्षेत्रों से 50 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। खड़कवासला सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता किरण देशमुख ने स्पष्ट किया कि पुणे मनपा द्वारा जमा की गई कुल 251 करोड़ की राशि में 202 करोड़ नकद और 49 करोड़ रुपये की समायोजित राशि शामिल है।
जलापूर्ति बंद करने की चेतावनी के बाद पुणे मनपा ने बकाया राशि के तौर पर 25 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। इस भुगतान के कारण फिलहाल शहर की पानी सप्लाई बंद नहीं की जाएगी।
- किरण देशमुख, कार्यकारी अभियंता, खडकवासला जल संसाधन विभाग