

Disaster Management Maharashtra Sunetra Ajit Pawar: पुणे जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और प्राकृतिक आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए उपमुख्यमंत्री एवं पुणे की पालकमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों तक तत्काल राहत सामग्री और आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य करे।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन गांवों का संपर्क बाढ़ या भूस्खलन के कारण टूट गया है, वहां युद्धस्तर पर कार्य कर सड़क और आवागमन जल्द से जल्द बहाल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक निर्णय में मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे पूरी क्षमता के साथ संचालित रखने के निर्देश भी दिए गए।
सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि बाढ़, भूस्खलन और बांधों से पानी छोड़े जाने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां एसएमएस, सोशल मीडिया और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से समय रहते नागरिकों तक पहुंचाई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी प्रकार की सूचना में देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।
उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि आपदा की स्थिति सामान्य होने तक किसी भी अधिकारी को मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगले, पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी, पीएमआरडीए आयुक्त अभिजीत चौधरी, पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे, जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटिल और जिला पुलिस अधीक्षक संदीप गिल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आषाढ़ी वारी को देखते हुए वारकरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने पर विशेष जोर दिया गया।