छत्रपति संभाजीनगर की रमाई आवास योजना पर विधायक अंबादास दानवे ने उठाऐ सवाल, करोड़ों के घोटाले की जांच की मांग

Ramai Awas Yojana Scam: संभाजीनगर की आवास योजना में करोड़ों के घोटाले का मामला विधान परिषद पहुंचा। विधायक अंबादास दानवे ने फर्जी दस्तावेजों से अपात्रों को लाभ देने का आरोप लगाकर जांच की मांग की।
Ramai Awas Yojana Scam Allegation Ambadas Danve In Vidhan Parishad
अंबादास दानवे (सोर्स: सोशल मीडिया )
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Ramai Awas Yojana Scam Allegation: रमाई आवास घरकुल योजना में कथित करोड़ों रुपये के आर्थिक घोटाले का मामला अब विधान परिषद तक पहुंच गया है। विधायक अंबादास दानवे ने सदन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फर्जी राशन कार्ड, नकली कर रसीदें, हाथ से तैयार की गई लाभार्थियों की सूची और अपात्र लोगों को योजना का लाभ देकर सरकारी धन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट की गई है।

उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषी अधिकारियों, एजेंटों तथा अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

दानवे ने लगाए ये आरोप

दानवे ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में कुछ एजेंटों, संबंधित अधिकारियों तथा अन्य लोगों की मिलीभगत से योजना का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने सदन को बताया कि इससे पहले भी पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने इस मामले को लेकर आंदोलन करते हुए जांच की मांग उठाई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि लाभार्थियों की सूची डिजिटल प्रणाली के बजाय हाथ से तैयार की गई और बिना किसी ठोस जांच के समाज कल्याण विभाग ने उसे मंजूरी दे दी।

महानगरपालिका, पीएमसी तथा संबंधित अभियंताओं ने स्थल निरीक्षण किए बिना ही लाभ स्वीकृत कर दिए, जिसके कारण बड़ी संख्या में अपात्र लोगों को घरकुल का लाभ मिला। इतना ही नहीं, एक परिवार में केवल एक सदस्य को लाभ देने के नियम के बावजूद पति और पत्नी दोनों के नाम अलग-अलग स्वीकृतियां जारी की गईं।

दानवे ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम का दुरुपयोग करते हुए फर्जी कर रसीदें और राशन कार्ड तैयार किए गए। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उनके पास दस्तावेज उपलब्ध हैं।

दस्तावेजों की जांच शुरू

राज्य सरकार की ओर से जवाब देते हुए संबंधित मंत्री ने बताया कि वर्ष 2011 से 2022-23 के बीच प्राप्त कई आवेदनों पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ था तथा अनेक आवेदन अपात्र या निरस्त पाए गए।

बाद में ऑनलाइन आवेदन प्रणाली शुरू की गई, जिसमें 842 आवेदन प्राप्त हुए। पात्रता की पुष्टि के लिए लाभार्थियों से आवश्यक दस्तावेज मांगे गए हैं और प्राप्त अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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