सोनम रघुवंशी की गलतियों का सिया गोयल ने किया था गूगल सर्च, डिजिटल हिस्ट्री में हुआ बड़ा खुलासा

Ketan Aggarwal Case Siya Goyal Google Search History: केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल की गूगल सर्च हिस्ट्री से इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस का कनेक्शन सामने आया है।
Siya Goyal Sonam Raghuvanshi Google Search
सोनम रघुवंशी और सिया गोयल (फोटो क्रेडिट-X)
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Siya Goyal Sonam Raghuvanshi Google Search: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की साइबर और डिजिटल जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल के मोबाइल की गूगल सर्च रिपोर्ट से पता चला है कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से पहले उसने मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए चर्चित 'राजा रघुवंशी हत्याकांड' की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी द्वारा की गई गलतियों का गहन अध्ययन किया था।

पुलिस द्वारा क्राइम सीन री-क्रिएट करने और डिजिटल साक्ष्य जुटाने के बाद यह डिजिटल कुंडली सामने आई है। फिलहाल, 18 जून 2026 को हुए इस हत्याकांड की दोनों मुख्य कड़ियों, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को पुणे कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में येरवडा सेंट्रल जेल भेज दिया है।

क्या कस्टडी में महिला से होती है मारपीट, सिया ने गूगल से पूछे थे ये सवाल

पुलिस जांच दल को सिया गोयल की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री खंगालने पर कुछ ऐसे अजीबोगरीब और शातिर सवाल मिले हैं, जो उसने वारदात से पहले और बाद में गूगल पर सर्च किए थे। सिया ने गूगल पर खोजा था कि "क्या पुलिस कस्टडी में महिलाओं के साथ मारपीट की जाती है?" और "मर्डर के बाद पुलिस संदिग्धों से किस तरह पूछताछ करती है?"

इसके अलावा, उसने इंदौर पुलिस द्वारा सोनम रघुवंशी से पूछे गए सवालों की सूची और "सोनम रघुवंशी को हाईकोर्ट से जमानत कैसे मिली?" जैसे कानूनी पहलुओं को भी ऑनलाइन खंगाला था। शुरुआत में दुर्घटना माने जाने वाले इस केस में अब साफ हो चुका है कि 18 जून 2026 को ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की खाई में केतन को धक्का देने की पूरी क्रोनोलॉजी पहले से फिक्स थी।

सोनम रघुवंशी की कमियों से सीखकर सिया ने तैयार किया था 'परफेक्ट मर्डर' का प्लान

पुणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सिया गोयल ने इंदौर के राजा रघुवंशी कांड की खबरों को न सिर्फ पढ़ा, बल्कि उस अपराध की कमियों पर पूरी रिसर्च भी की। दोनों मामलों में सबसे बड़ी समानता यह है कि राजा रघुवंशी और केतन अग्रवाल दोनों को ही उनके करीबियों द्वारा ऊंचाई से खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतारा गया था।

पुलिस का मानना है कि सिया ने सोनम रघुवंशी की उन गलतियों को नोट किया जिनकी वजह से इंदौर पुलिस ने उसे पकड़ा था। उन गलतियों से सीख लेकर सिया ने एक बेहतर फुल-प्रूफ योजना बनाई। उसने वारदात के समय खुद को बेकसूर साबित करने और घटना स्थल से दूर होने के झूठे सबूत (Alibi) भी पहले से ही तैयार कर लिए थे, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

येरवडा जेल में बंद हैं आरोपी सिया और चेतन

सिया गोयल ने खुद को बचाने के लिए जितने भी इंतजाम किए थे, साइबर पुलिस की तकनीकी मुस्तैदी के आगे वे सभी धरे के धरे रह गए। डिजिटल साक्ष्यों ने दोनों मामलों के बीच के इस गुप्त कनेक्शन को पूरी तरह उजागर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि यह ऑनलाइन डेटा अदालत में सिया की आपराधिक मानसिकता और सोची-समझी साजिश को साबित करने में सबसे बड़ा हथियार बनेगा।

फिलहाल, सिया गोयल और चेतन चौधरी येरवडा जेल की सलाखों के पीछे अपनी सजा का इंतजार कर रहे हैं। साइबर सेल को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मोबाइल और लैपटॉप की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद इस मर्डर केस के कई और छिपे हुए पन्ने जनता के सामने आएंगे।

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