महाराष्ट्र विधानसभा में तेंदुआ! आतंक के खिलाफ विधायक सोनवणे का शॉकिंग प्रोटेस्ट वायरल, देखें Video

Sharad Sonawane Viral Video: महाराष्ट्र में बढ़ते तेंदुए के हमलों पर जुन्नार विधायक शरद सोनवणे विधानसभा में तेंदुए की पोशाक में पहुंचे। उन्होंने इसे 'राज्य आपदा' घोषित करने की मांग की।
Sharad Sonawane In Leopard Costume Viral Video
तेंदुए के वेश में विधायक शरद सोनवणे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sharad Sonawane In Leopard Costume Viral Video: महाराष्ट्र में इन दिनों तेंदुए बड़े पैमाने पर आतंक फैला रहे हैं और मानव बस्तियों पर हमले बढ़ गए हैं, जिससे कई बच्चों की जान चली गई है। इस गंभीर समस्या को उजागर करने के लिए पुणे जिले के जुन्नार विधानसभा क्षेत्र के विधायक शरद सोनवणे नागपुर में शीतकालीन सत्र के दौरान तेंदुए का वेश धारण कर विधानसभा पहुंचे। जिसके बाद पूरे राज्य में इसकी चर्चा हो रही है।

महाराष्ट्र के पश्चिमी महाराष्ट्र, विशेषकर जुन्नार तालुका, अहिल्यानगर, सोलापुर, नासिक, धुले, मुंबई के आसपास के क्षेत्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के नागपुर क्षेत्र में तेंदुओं और बाघों का आतंक फैला हुआ है। नागपुर की सीमा पर भी तेंदुए पहुंच गए हैं।

विधायक का वीडियो वायरल

नागपुर में आयोजित शीतकालीन सत्र के दौरान विधायक शरद सोनवणे तेंदुए का वेश धारण कर विधानसभा पहुंचे। जिसके बाद पूरे राज्य में इसकी चर्चा हो रही है। इसका एक वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है।

तेंदुओं के हमलों में 55 मौतें

विधायक शरद सोनवणे ने बताया कि राज्य में 9-10 हजार तेंदुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में अकेले जुन्नार तालुका में तेंदुओं के हमले में 55 लोगों की मौत हो चुकी है। विधायक ने विधानसभा में बताया कि हमले बढ़ने के कारण अब बच्चे आंगन में या सड़क पर नहीं दिखते, और स्कूल नहीं जाते। तेंदुए अब जंगल से निकलकर गन्ने के खेतों और घरों के पास तक आ गए हैं। अब वे न केवल रात में, बल्कि दिन में भी महिलाओं और पुरुषों पर हमला कर रहे हैं।

क्या बोले विधायक सोनवणे?

विधायक सोनवणे ने आरोप लगाया कि तेंदुओं के हमलों में वृद्धि के बावजूद, दैनिक कार्रवाई के अलावा कोई प्रभावी उपाय नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तेंदुओं को पकड़ने के बजाय महिलाओं, किसानों और बच्चों को अपने गले में लोहे की छड़ें बांधने की सलाह दे रही है।

सोनवणे ने यह कहते हुए सरकार पर तंज कसा कि मुंबई में एसी कमरों में रहने वाले सचिव तेंदुओं की रक्षा कर रहे हैं, जबकि उन्हें ग्रामीण इलाकों की स्थिति और लोगों की समस्याओं का पता नहीं है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि अब से वे किसी भी किसान या उनके बच्चों की बलि बर्दाश्त नहीं करेंगे।

सोनवणे ने मिले मंत्री बावनकुले

इस दौरान बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले विधायक शरद सोनवणे से मिले और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।

‘राज्य आपदा’ घोषित करने की मांग

समस्या की गंभीरता को देखते हुए, शरद सोनवणे ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण मांग रखी कि तेंदुओं के हमले को राज्य आपदा घोषित किया जाए और मुख्यमंत्री को तुरंत इसकी घोषणा करनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य में एक बचाव अभियान चलाने का अनुरोध किया। सोनवणे ने मांग की कि अगले 90 दिनों में एक बचाव केंद्र स्थापित किया जाए। उनका प्रस्ताव है कि अगले तीन महीनों में दो हजार तेंदुए (एक हजार मादा और एक हजार नर) को अलग-अलग रखकर नसबंदी की समस्या का समाधान किया जाए।

उन्होंने यह भी मांग की कि शीतकालीन सत्र के अंत से पहले, सरकार को जुन्नार तालुका में दो और अहिल्यानगर में एक बचाव केंद्र तुरंत शुरू करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि तेंदुआ अनुसूची II का जानवर है, अनुसूची I का नहीं, इसलिए इसे वहीं रखा जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता देने के बजाय, लोगों को बचाना ज़्यादा ज़रूरी है।

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