पुणे में भारी तबाही! खड़कवासला बांध से मुथा नदी में छोड़ा गया 28 हजार क्यूसेक पानी, प्रसिद्ध भीडे पुल डूबा

Pune Rain Havoc Khadakwasla Dam Overflow: पुणे में मूसलाधार बारिश के बाद खड़कवासला बांध 100% भरा। मुथा नदी में 28 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने से बाढ़ जैसे हालात।
Khadakwasla Dam Overflow Pune
पुणे में बाढ़ का संकट, खड़कवासला बांध ओवर फ्लो, पानी में डूब गया भीड़े पूल (फोटो क्रेडिट-X)
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Khadakwasla Dam Overflow: महाराष्ट्र के कई जिलों में जारी मूसलाधार बारिश के बीच पुणे शहर और उसके आस-पास के इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। घाट माथा और जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण पुणे की लाइफलाइन माना जाने वाला खड़कवासला बांध 100 प्रतिशत यानी पूरी तरह से भर चुका है।

बांध में पानी का स्तर खतरे के निशान को पार करने के बाद प्रशासन ने मुथा नदी बेसिन में अचानक 28,000 क्यूसेक पानी छोड़ दिया है। इस भारी जलप्रवाह के कारण नदी के किनारे की सभी सड़कें पानी में पूरी तरह डूब गई हैं और पुणे का प्रसिद्ध व ऐतिहासिक भीडे पुल भी जलमग्न होकर नजरों से ओझल हो गया है।

निचले इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी।

नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि तटीय रास्तों पर खड़ी दर्जनों गाड़ियां पानी में समा गईं। नदी बेसिन में चल रहे निर्माण कार्य में लगी दो विशाल पोक्लीन मशीनों का अब सिर्फ ऊपरी हिस्सा ही दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही, नदी के भीतर से गुजरने वाले पुणे मेट्रो के खंभे भी पूरी तरह से पानी से घिर गए हैं।

संभावित खतरे और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए प्रशासन ने नदी के किनारे और आस-पास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी (Red Alert) जारी की है। पुलिस ने पुणेवासियों से अपील की है कि वे कौतूहलवश नदी के घाटों और पुलों के आस-पास बिल्कुल भी इकट्ठा न हों।

नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने पर विचार

मुथा नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण उत्पन्न हुए संकट को देखते हुए पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे ने सुबह से ही खुद कमान संभाल ली है। महापौर ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राजपूत नगर, पुलाचीवाड़ी, निम्बाजनगर और सबसे ज्यादा प्रभावित एकता नगरी का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की। खड़कवासला बांध से छोड़े गए पानी के कारण एकता नगर के घरों में पानी घुसना शुरू हो गया है।

मौके पर पहुंचे पुणे नगर निगम (PMC) के अतिरिक्त आयुक्त ओम प्रकाश दिवाटे ने माना कि इस बार-बार होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान खोजना नगर निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण काम में देरी हो रही है। उन्होंने संकेत दिए कि प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थायी रूप से स्थानांतरित करने के विकल्प पर पालक मंत्री से चर्चा चल रही है।

बांध श्रृंखला में अब तक 14 TMC पानी जमा।

पुणे शहर के साथ-साथ वारकरी समुदाय के पवित्र आस्था केंद्र आलंदी (Alandi) से भी चिंताजनक खबरें आ रही हैं। आलंदी में बहने वाली इंद्रायणी नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके कारण नदी पर बने चारों प्रमुख पुल पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। बाढ़ का पानी मुख्य बाजार और रिहायशी इलाकों में घुसने से बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान होने की आशंका है।

सिंचाई विभाग के अनुसार, खड़कवासला बांध श्रृंखला के चारों प्रमुख बांधों को मिलाकर अब तक कुल 14 TMC (लगभग 48 प्रतिशत) पानी का स्टॉक जमा हो चुका है। भीडे पुल के डूबने और मेट्रो कार्यों के चलते बंद रास्तों की वजह से पुणे के मध्यवर्ती क्षेत्रों में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस मशक्कत कर रही है।

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