पुणे मनपा चुनाव में धनबल हावी! करोड़पति युवा उम्मीदवारों पर पार्टियों ने खेला दांव

Pune News: पुणे महानगरपालिका चुनाव में भाजपा समेत दलों ने युवा और करोड़पति उम्मीदवारों पर दांव खेला है। नेताओं के बेटे-बेटी और बहुओं को टिकट मिलने से चुनावी राजनीति पर चर्चा तेज है।
Pune Municipal Election Young And Rich Candidates
पुणे के अमीर उम्मीदवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Young And Rich Candidates: भारतीय जनता पार्टी सहित तमाम पार्टियों ने इस बार के पुणे महानगरपालिका चुनाव में अमीर युवा उम्मीदवारों पर दांव खेला है। युवा और अमीर का कॉकटेल चुनाव में कितना फायदेमंद साबित होगा यह चुनाव परिणाम के बाद ही साफ होगा। लेकिन पुणे में जिस तरह से खासकर भाजपा ने अपने नेताओं, बहुओं और उनके युवा रिश्तेदारों को टिकट थमाया है वह चर्चा का विषय बना हुआ है।

चर्चा उन उम्मीदवारों की भी हो रही है जिनके हलफनामे से साफ हुआ है कि वे इस चुनाव में करोड़पति उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे हैं। शहर के मध्यवर्ती पेठों के भाग वाले शनिवार पेठ - महात्मा फुले मंडई के प्रभाग क्रमांक 25 से भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में युवाओं को उम्मीदवार बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए इस पर अमल भी किया है।

सायली वांजले और अन्य रसूखदार उम्मीदवार

सायली वांजले ने अपने हलफनामे में 77 करोड़ 65 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है। वह अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए मैदान में हैं। भाजपा ने कुल 41 प्रभागों की 165 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। सहयोगी दल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया को गठबंधन के तहत 9 सीटें दी गई हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसले के तहत आरपीआई के ये उम्मीदवार भी भाजपा के 'कमल' चुनाव चिह्न पर ही चुनाव लड़ रहे हैं। इस प्रकार, आगामी चुनाव में धनबल और युवा शक्ति के बीच एक कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।

नेताओं के बहू, बेटा, बेटी को दिया गया टिकट

पुणे महानगरपालिका के आगामी चुनाव के लिए भाजपा, ने दिवंगत सांसद और मंत्री गिरीश बापट की बहू स्वरदा बापट, दिवंगत विधायक रमेश वांजले की बेटी सायली वांजले, विनायक निम्हण के बेटे चंद्रशेखर निम्हण, पूर्व राज्यमंत्री शशिकांत सुतार के बेटे पृथ्वीराज सुतार, और बालासाहेब शिवरकर के बेटे अभिजीत शिवरकर को उम्मीदवार बनाया है। इस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने एक तरफ युवाओं पर फोकस कर मौजूदा राजनीति में युवाओं की भूमिका को स्वीकार किया है।

पार्टी का मानना है कि उम्मीदवार का धनी होना या उसके पास लग्जरी गाड़ियों का काफिला होना उत्तना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना उसकी जीत सुनिश्चित करना। इसी क्रम में पूर्व राज्यमंत्री रमेश बागवे के बेटे अविनाश बागवे, पूर्व विधायक स्वींद्र धंगेकर और महादेव बाबर के बेटों सहित वडगांव शेरी विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक बापू पठारे के बेटे और बहू को उम्मीदवार बनाया गया है।

पारिवारिक संपत्ति 11 करोड़ 22 लाख रुपये

कोल्हापुर के शिवाजी विद्यापीठ से सायली वांजले ने अपनी पढ़ाई पूरी की है। वह पहली बार पुणे महानगरपालिका का चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन इससे 12 वर्ष पूर्व उन्होंने सांगली महापालिका का चुनाव लड़ा था। उनकी पारिवारिक संपत्ति 11 करोड़ 22 लाख रुपये है और उनके पास एक दोपहिया वाहन के साथ-साथ 23 लाख रुपये की क्रेटा गाड़ी है।

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