हमारा मिशन महाराष्ट्र फास्ट, मुंबई सुपर फास्ट, वरली सभा में डीसीएम शिंदे का यलगार

Eknath Shinde: मुंबई बीएमसी चुनाव में वरली सभा को संबोधित करते हुए डीसीएम एकनाथ शिंदे ने महायुति के विकास एजेंडे और भ्रष्टाचार विरोधी रुख का संकल्प जताया।
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Eknath Shinde :मुंबई बीएमसी चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mumbai BMC Election: मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए महायुति ने शनिवार को वर्ली स्थित एनएससीआई डोम से अपने चुनावी अभियान का शंखनाद किया। इस महासभा में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे और उनके गुट पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला।

शिंदे ने स्पष्ट किया कि महायुति का लक्ष्य 'महाराष्ट्र फास्ट और मुंबई सुपर फास्ट' विकास है, जबकि विपक्ष का एकमात्र एजेंडा 'करप्शन फर्स्ट' रहा है। अपने संबोधन में शिंदे ने मराठी कार्ड खेलते हुए विरोधियों को घेरा और कहा, "कुछ लोगों को चुनाव आते ही मराठी मानुष की याद आती है। लेकिन सच्चाई यही है कि इनका 'म' सिर्फ मलिदा और मतलब के लिए है, जबकि हमारा 'म' मराठी और महायुति के लिए समर्पित है। जो आज मराठी अस्मिता की बात कर रहे हैं, वे बताएं कि उनके कार्यकाल में मुंबई का मराठी मानुष अंबरनाथ और बदलापुर जैसी जगहों पर क्यों फेंका गया?"

असली सूरजाजी पिसाल कौन

शिंदे ने सत्ता के लालच और बालासाहेब के विचारों से गद्दारी का आरोप लगाते हुए कहा, "जनता जानती है कि असली सूरजाजी पिसाल कौन है। आपने छत्रपति संभाजीनगर में रशीद मामू को टिकट दिया; अगर आज बालासाहेब होते तो आपको उल्टा लटकाकर पीटते। हम जान देंगे, लेकिन आपकी तरह लाचार नहीं होंगे।"

'करून दाखवलं'

भ्रष्टाचार पर बोलते हुए शिंदे ने कहा, "इन्होंने 'करून दाखवलं' का नारा दिया, लेकिन असल में ये 'करप्शन सम्राट' निकले। उनका सिद्धांत रहा है, 'जहां टेंडर, वहां सरेंडर'। रमाबाई आंबेडकर नगर जैसे प्रोजेक्ट 17 साल से लटके थे, जिन्हें हमने शुरू किया। अब दिनभर नेटफ्लिक्स और चुनाव आते ही पॉलिटिक्स करने का जमाना चला गया। मुंबई को विकास के मारेकरी नहीं, बल्कि विकास के वारकरी चाहिए।" शिंदे ने यह भी घोषणा की कि मुंबई का अगला महापौर मराठी ही होगा और इसे 'काले पत्थर पर खींची भगवा लकीर' कहा।

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