
पुणे की मुला-मुठा नदी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Riverfront Project: पुणे शहर के बहुप्रतीक्षित मुला-मुठा नदी तट सुधार (रिवर फ्रंट) परियोजना के लिए एक बड़ी प्रशासनिक बाधा अब दूर हो गई है। सादल बाबा दरगाह से लेकर संगमवाड़ी तक फैली रक्षा विभाग की लगभग 10 एकड़ भूमि आधिकारिक रूप से पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) को हस्तांतरित कर दी गई है। इस निर्णय से न केवल नदी तट विकास परियोजना को नई गति मिलेगी, बल्कि संगमवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों के समग्र शहरी विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
इस संबंध में आयोजित मनपा की स्थायी समिति की बैठक में रक्षा विभाग को उक्त भूमि के बदले 32 करोड़ रुपये का भुगतान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मनपा के परियोजना विभाग प्रमुख दिनकर गोजारे ने बताया कि इस भूमि का मूल्यांकन जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा विधिवत प्रक्रिया के तहत किया गया था, जिसके बाद हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी की गई। लंबे समय से अटकी इस प्रक्रिया के पूर्ण होने से अब परियोजना के वास्तविक कार्य शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
संगमवाड़ी क्षेत्र मुला-मुठा नदी तट विकास परियोजना के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नदी के किनारे स्थित यह 10 एकड़ भूमि पहले रक्षा विभाग के अधीन थी, जिसके कारण यहां किसी भी प्रकार के विकास कार्य में सीमाएं थीं। अब यह भूमि मनपा के स्वामित्व में आने से दीर्घकालिक और योजनाबद्ध शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह क्षेत्र शहर के मध्यवर्ती हिस्से में स्थित है, जिससे इसका उपयोग नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक स्थानों के रूप में किया जा सकता है। इसके साथ ही यहां मौजूद हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) भी मनपा के अधीन आ गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
पुणे मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नदी तट विकास परियोजना केवल निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसे नागरिकों के लिए उपयोगी, पर्यावरण-अनुकूल और सामाजिक रूप से समावेशी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत इस क्षेत्र में सार्वजनिक उद्यान और हरित क्षेत्र, नागरिकों के लिए पैदल पथ और मनौरंजन सुविधाएं, सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों के लिए खुले मंच, पर्यावरण-अनुकूल ढाचा तथा सुव्यवस्थित पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि विकास योजना तैयार करते समय स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया जाएगा। उनके सुझावों और जरूरतों को ध्यान में रखकर अंतिम विकास खाका तैयार किया जाएगा, ताकि यह परियोजना शहरवासियों के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन सके।
अहमदाबाद की साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का उल्लेख करते हुए दिनकर गोजारे ने कहा कि जिस तरह उस परियोजना ने अहमदाबाद को नई पहचान दी, उसी प्रकार मुला-मुठा नदी तट विकास परियोजना पुणे के लिए भी सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी, उन्होंने बताया कि आगामी एक से दो महीनों में परियोजना के जमीनी कार्य शुरू होने की संभावना है। इस पहल से पुणे को पर्यावरण-सवेदनशील और नागरिक केंद्रित शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।






