कुंभ कार्यों पर पर्यावरण की चोट, तपोवन वृक्ष कटाई पर फिर सख्त हुआ एनजीटी; जांच समिति विस्तारित

Tree Cutting Ban: कुंभमेले के मद्देनजर प्रस्तावित वृक्ष कटाई पर एनजीटी ने रोक बरकरार रखी है। 20 फरवरी तक बिना अनुमति एक भी पेड़ नहीं कटेगा, समिति का पुनर्गठन किया गया।
Environmental damage to Kumbh works, NGT takes strict action again on Tapovan tree felling; inquiry committee expanded.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Kumbh NGT Order: नासिक कुंभमेले के मद्देनजर प्रस्तावित वृक्ष कटाई को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। लवाद ने अपने पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना जिले में 20 फरवरी तक एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा।

इसके साथ ही, तपोवन क्षेत्र में हुई वृक्ष कटाई की जांच के लिए गठित समिति का पुनर्गठन करते हुए उसमें महाराष्ट्र राज्य वृक्ष प्राधिकरण और नासिक जिलाधिकारी के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एड। श्रीराम पिंगले ने लवाद के समक्ष मुद्दा उठाया कि रोक के बावजूद पेड़ काटे जा रहे हैं। तपोवन मामले के साथ-साथ यह भी सामने आया कि समृद्धि महामार्ग को जोड़ने वाली सड़क के लिए ब्रिटिश कालीन पुराने बरगद के पेड़ काट दिए गए। इसके अलावा, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए शहर में 1270 पेड़ काटे जा चुके हैं।

सिंहस्थ नगर में नए पुल और तिडके कॉलोनी से कर्मयोगी नगर तक सड़क निर्माण के लिए भी मनपा द्वारा 114 पेड़ों को काटने की तैयारी की खबर है। पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कटाई पूरी तरह अवैध है। लवाद ने संकेत दिया कि यदि सटीक साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं, तो दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जांच समिति का पुनर्गठन तपोवन वृक्ष कटाई मामले की जांच के लिए पहले से गठित समिति, जिसमें वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मनपा के अधिकारी शामिल हैं, ने 9 जनवरी को निरीक्षण किया था लेकिन, अधिकारियों के चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी।

अदालत ने रिपोर्ट पेश करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। याचिकाकर्ता की मांग पर लवाद ने समिति का विस्तार करते हुए इसमें जिला प्रशासन और राज्य वृक्ष प्राधिकरण के विशेषज्ञों को जोड़ दिया है।

अगली सुनवाई 20 फरवरी को निश्चित

एड। श्रीराम पिंगले ने बताया कि पुनर्गठित समिति के संबंध में जल्द ही संबंधित विभागों को पत्र भेजे जाएंगे। गौरतलब है कि कुंभ मेले के विकास कार्यों के लिए हो रही वृक्ष कटाई पिछले 2 महीनों से विवादों में है।

जहां एक ओर मनपा का दावा है कि पुरानी कटाई में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है, वहीं लवाद ने 20 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई तक नई कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

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