- Hindi News »
- Automobile »
- Two Out Of Every Five Electric Cars Come From These States South India Leading The Ev Race
हर 5 में से 2 इलेक्ट्रिक कारें इन्हीं राज्यों से, EV की दौड़ में साउथ इंडिया क्यों सबसे आगे?
Electric Cars Sold In India: इलेक्ट्रिक कारों का बाजार अब रफ्तार पकड़ चुका है। जहां साल 2020 में देशभर में सिर्फ 3,252 इलेक्ट्रिक कारें बिकी थीं, वहीं 2025 तक यह बढ़कर करीब 1.7 लाख यूनिट तक हो गया है।
- Written By: सिमरन सिंह

EV Market in India (Source. AI)
Total Electric Cars Sold In India: भारत में इलेक्ट्रिक कारों का बाजार अब रफ्तार पकड़ चुका है। जहां साल 2020 में देशभर में सिर्फ 3,252 इलेक्ट्रिक कारें बिकी थीं, वहीं 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर करीब 1.7 लाख यूनिट तक पहुंच गया। लेकिन इस तेज़ ग्रोथ के बीच एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आती है देश में बिकने वाली हर 5 में से करीब 2 इलेक्ट्रिक कारें सिर्फ कुछ गिने-चुने राज्यों से आती हैं। आखिर ऐसा क्यों है? आइए पूरी तस्वीर समझते हैं।
साउथ इंडिया बना EV का पावरहाउस
पिछले 5 सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु ने मिलकर भारत की कुल इलेक्ट्रिक कार बिक्री में 30 से 35 फीसदी की मजबूत हिस्सेदारी बनाए रखी है।
यह बढ़त नई नहीं है। साल 2020 में, जब EV मार्केट शुरुआती दौर में था, तब भी इन तीन राज्यों की हिस्सेदारी करीब 38 फीसदी थी। जैसे-जैसे देश के अन्य हिस्सों में इलेक्ट्रिक कारें लोकप्रिय हुईं, साउथ इंडिया की हिस्सेदारी थोड़ी स्थिर होकर 31–33 फीसदी के आसपास बनी रही।
सम्बंधित ख़बरें
सस्ता, हल्का और दमदार, नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, 10 साल तक बैटरी चलने का है दावा
पेट्रोल-डीजल का डर बढ़ा: EV की डिमांड में धमाका, मिलेगे सस्ता विकल्प या आने वाला बड़ा बदलाव?
1.60 करोड़ में आई नई Range Rover, अब भारत में ही होगी असेंबल, जानें क्या मिलेगा फायदा?
Yamaha Fascino का नया अवतार लॉन्च, सस्ता भी स्टाइलिश भी, जानें किसके लिए है परफेक्ट ये स्कूटर?
टॉप राज्यों में महाराष्ट्र की भी एंट्री
अगर टॉप परफॉर्मिंग राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल मिलकर भारत के कुल चार-पहिया EV रजिस्ट्रेशन का करीब 40 फीसदी योगदान देते हैं। इससे साफ है कि EV अपनाने में ये राज्य बाकी देश से काफी आगे निकल चुके हैं।
शहरों की बनावट बनी EV के लिए वरदान
साउथ इंडिया की इस बढ़त के पीछे सबसे बड़ा कारण वहां के शहरों की भौगोलिक बनावट और ड्राइविंग पैटर्न है। बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में रोज़ाना का सफर आमतौर पर छोटा और तय रूट्स पर होता है। हाईवे ड्राइविंग कम और शहर के अंदर चलना ज्यादा होता है, जिससे EV यूजर्स की सबसे बड़ी चिंता रेंज एंग्जायटी काफी हद तक खत्म हो जाती है। केरल में शहर और कस्बे हाईवे के साथ लंबे स्ट्रेच में फैले हुए हैं, जिससे पूरा राज्य एक बड़े अर्बन ज़ोन जैसा लगता है और EV चलाना ज्यादा आसान हो जाता है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ने बढ़ाया भरोसा
दक्षिण भारत में चार्जिंग नेटवर्क भी तेजी से विकसित हुआ है। पब्लिक और प्राइवेट दोनों स्तरों पर चार्जिंग कॉरिडोर बने हैं, जिससे इंटर-सिटी ट्रैवल आसान हुआ है। खासकर बेंगलुरु में EV टैक्सी फ्लीट्स और टेक-सेवी शुरुआती ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक कारों को तेजी से नॉर्मल बना दिया।
घर पर चार्जिंग बनी गेम चेंजर
साउथ इंडिया में बड़ी संख्या में लोग सैलरी क्लास से हैं, जो तय दूरी और तय समय पर सफर करते हैं। अपार्टमेंट या इंडिपेंडेंट घरों में रहने के कारण घर पर चार्जिंग आसान हो जाती है। एक बार रात में चार्जिंग की आदत बन जाए, तो पब्लिक चार्जर पर निर्भरता काफी कम हो जाती है।
ये भी पढ़े: कम बजट में स्पोर्टी बाइक का सपना होगा पूरा, 2026 Bajaj Pulsar 125 के लुक और फीचर्स है दमदार
सब्सिडी से ज्यादा अहम हुआ अनुभव
पहले जहां राज्य सरकार की सब्सिडी EV खरीद की बड़ी वजह थी, अब उसका असर कम होता जा रहा है। ज्यादातर राज्यों में सब्सिडी का फर्क सिर्फ ₹10,000 से ₹30,000 तक रह गया है। अब खरीदार ज्यादा ध्यान रोज़मर्रा की उपयोगिता, चार्जिंग सुविधा और कुल खर्च (Total Cost of Ownership) पर दे रहे हैं और इन्हीं पैमानों पर साउथ इंडिया आगे नजर आता है।
आगे क्या बदलेगा?
2024 में जहां चार-पहिया EV की हिस्सेदारी 2.4 फीसदी थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर करीब 4 फीसदी हो गई। जैसे-जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में चार्जिंग सुविधा बढ़ेगी और ₹10–25 लाख रेंज में ज्यादा EV विकल्प आएंगे, वैसे-वैसे उत्तर और पश्चिम भारत भी तेजी से आगे बढ़ेंगे। हालांकि फिलहाल, EV क्रांति की कमान साउथ इंडिया के हाथ में ही है।
Two out of every five electric cars come from these states south india leading the ev race
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
UP Forest Guard भर्ती 2026: 708 पदों पर निकली वैकेंसी, जानें योग्यता, तिथि और फिजिकल टेस्ट
Apr 25, 2026 | 06:26 PMचूहों ने कराई ‘मैडम’ की बेल! रिश्वत के नोटों को कुतरा तो सुप्रीम कोर्ट भी रह गया हैरान; जाने क्या है मामला?
Apr 25, 2026 | 06:25 PM1 मई को है कूर्म जयंती, पूजा का शुभ मुहूर्त भी नोट करें, और जानिए कछुआ से क्या संबंध है मनुष्य जीवन का?
Apr 25, 2026 | 06:25 PMश्रीकृष्ण की शरण में ऐसा समर्पण, जो बदल दे जीवन, प्रेमानंद महाराज की सच्ची सलाह
Apr 25, 2026 | 06:24 PMDC vs PBKS: अरुण जेटली स्टेडियम में आया राहुल-राणा का तूफान, DC ने बनाया आईपीएल इतिहास का अपना सबसे बड़ा स्कोर
Apr 25, 2026 | 06:18 PMMadhya Pradesh Farmer News: प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की तैयारी में मोहन सरकार; मास्टरप्लान तैयार
Apr 25, 2026 | 06:14 PMH-1B वीजा पर 3 साल की रोक? ट्रंप के सांसदों का नया दांव, भारतीय IT सेक्टर में मची खलबली!
Apr 25, 2026 | 06:11 PMवीडियो गैलरी

UP News: मेरठ का तुषार कैसे बना ‘हिजबुल्लाह’? मोबाइल और इंस्टाग्राम ने बनाया आतंकी
Apr 24, 2026 | 10:28 PM
PM मोदी के हुगली दौरे के बाद क्या बदला माहौल? महिलाओं ने सुरक्षा पर उठाए सवाल, युवाओं ने मांगा रोजगार
Apr 24, 2026 | 10:23 PM
संदीप पाठक के पास थे सिर्फ 3 रास्ते…जानें IIT प्रोफेसर ने AAP छोड़ क्यों चुना BJP का साथ? देखें VIDEO
Apr 24, 2026 | 10:12 PM
पहाड़ों पर ₹80 की पानी की बोतल का सच: क्या यह लूट है या मजबूरी? हकीकत जानकर दंग रह जाएंगे
Apr 24, 2026 | 10:09 PM
UP बोर्ड में लड़कियों की बादशाहत! टॉपर्स लिस्ट में केवल एक लड़का, कशिश और शिखा वर्मा ने किया प्रदेश का नाम रोशन
Apr 24, 2026 | 02:04 PM
‘तुम यहां क्या कर रहे हो…?’, केदारनाथ धाम में मुस्लिम के साथ गाली-गलौज, VIDEO हुआ वायरल
Apr 23, 2026 | 10:43 PM














