नहीं बढ़ेगा एसटी बस का किराया, मंत्री प्रताप सरनाईक ने प्रस्ताव किया खारिज, अधिकारियों को दी चेतावनी
ST Bus News: महाराष्ट्र में एसटी बस किराया बढ़ाने का प्रस्ताव परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने खारिज कर दिया। यात्रियों पर बोझ का हवाला देते हुए पंक्चुएलिटी सुधार, 25 हजार नई बसों की योजना पर जोर दिया।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आकाश मसने
मंत्री प्रताप सरनाईक (डिजाइन फोटो)
ST Bus Fare Hike News: महाराष्ट्र की जीवनवाहिनी कही जाने वाली एसटी बसों के किराए में बढ़ोतरी का प्रस्ताव ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने खारिज कर दिया है। ईंधन और स्पेयर पार्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी का कारण बताते हुए इस साल भी ST किराए में 2 से 3 परसेंट की बढ़ोतरी का प्रपोजल एमएसआरटीसी की ओर से दिया गया है।
पिछले साल हुई थी, किराया बढ़ोतरी
परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को किराया बढ़ोतरी के प्रपोजल के बारे में चेतावनी देते हुए कहा कि सबसे पहले से ST टाइमटेबल फॉलो करें। अभी पिछले साल ही 14.95 परसेंट किराए में बढ़ोतरी की गई थी। इससे यात्रियों पर पहले से ही बोझ बढ़ा है।
अन्य श्रोतों से बढ़ाएं आय
राज्य परिवहन निगम को घाटे से उबारने के अनेक प्रयत्न किए जा रहे हैं। परिवहन मंत्री ने पीपीपी मॉडल पर एसटी डिपो का डेवलपमेंट, नए पेट्रोल एवं सीएनजी पंप शुरू करने के साथ एसटी बसों को समय पर चलाने जैसे कार्य कर आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया है। परिवहन मंत्री ने कहा कि वर्षों से लंबित एसटी अधिकारियों कर्मचारियों के प्रमोशन को मान्यता दे दी गई है।
सम्बंधित ख़बरें
प्राइवेट NEET कोचिंग सेंटरों पर चलेगा सरकार का हथौड़ा! राजस्व मंत्री विखे पाटिल ने की पाबंदी की मांग
Kalyan: रेलवे यार्ड में 14 साल की लड़की से दरिंदगी, रेप की घटना से फिर दहल उठा महाराष्ट्र
छत्रपति संभाजीनगर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल; आम आदमी का बजट बिगड़ा, ऑटो एलपीजी हुई सस्ती
पुणे कृषि महाविद्यालय में ‘अजित दादा पवार देशी गाय केंद्र’ का नामकरण, महिला किसानों के रोजगार पर जोर
पंक्चुएलिटी को टॉप प्रायोरिटी
महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन प्रताप सरनाईक के अनुसार “बसें टाइम पर चलेंगी, तभी रेवेन्यू के पहिए तेज़ी से घूमेंगे।” उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन को पंक्चुएलिटी को टॉप प्रायोरिटी देने का निर्देश दिया। मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ कहा कि ST राज्य के आम आदमी की लाइफलाइन है। सस्ते किराए, सुरक्षित यात्रा और कई सरकारी छूटों की वजह से यात्रियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन अगर सर्विस समय पर नहीं होगी तो यह बढ़ोतरी बनी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, “यात्रियों को इंतज़ार कराने का मतलब है उन्हें दूसरे ऑप्शन ढूंढने पर मजबूर करना।”
मिल रहीं शिकायतें
परिवहन मंत्री ने कहा कि एसटी बसों के संचालन में देरी, रूटों में रुकावट और कैंसलेशन की शिकायतें मिल रहीं हैं। रोजाना की यात्राओं के दौरान बसों के देर से निकलने, सड़कें बंद होने या अचानक रूट कैंसल होने की शिकायतें होने से यात्री वैकल्पिक यातायात के साधन खोजते हैं। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि डिपो लेवल पर अधिकारी और कर्मचारी ज़्यादा ज़िम्मेदारी से काम करें और सुनिश्चित करें कि हर रूट पर बस समय पर निकले।
यह भी पढ़ें:- BMC Mayor Election: क्या उद्धव गुट उतारेगा अपना उम्मीदवार? किशोरी पेडणेकर ने दिए सियासी इशारे
ST के बढ़ते रोज़ाना के खर्चों को देखते हुए, उन्होंने इनकम बढ़ाने के साथ-साथ बचत पॉलिसी को सख्ती से लागू करने की ज़रूरत बताई। लोकल लेवल पर प्लान्ड मेंटेनेंस, रिसोर्स का सही इस्तेमाल और मैनेजमेंट में डिसिप्लिन पर ज़ोर देने का निर्देश दिया। परिवहन मंत्री ने कहा कि आय बढ़ाने के साथ खर्चों पर भी कंट्रोल जरूरी है।
5 हजार बसों की खरीदी
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने राज्य परिवहन बेड़े को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया शुरू की है।इसके तहत अगले पांच वर्षों तक हर साल 5,000 नई बसें (कुल 25,000) खरीदने की योजना बनाई है। हर साल इन बसों में 1 हजार ई बसें और आधुनिक ‘लाल परी’ बसें शामिल होंगी। सरकार ने इन बसों को लीज पर लेने के बजाय निगम के स्वामित्व में खरीदने का निर्णय लिया है।
