
Kamlesh Bodke Case: नासिक के पंचवटी (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Election Violence: चुनावी प्रचार के दौरान विरोध करने को लेकर एक व्यक्ति के अपहरण और बेरहमी से मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पंचवटी इलाके में हुई इस घटना के संबंध में शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार कमलेश बोडके सहित आठ संदिग्धों के खिलाफ पंचवटी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
निर्माण व्यवसायी मनोज भगीरथ मुंडावरे द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना बुधवार, 14 जनवरी को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच पेठ रोड स्थित कुमावत नगर इलाके में हुई। आरोप है कि कमलेश बोडके, नितिन शेलके, नीलेश घुगे, मयूर बोडके, ऋषभ दिघे और चार अन्य संदिग्धों ने मुंडावरे से विवाद किया और धमकी दी, “तुम मेरे खिलाफ प्रचार करते हो? अब तुम्हें छह महीने तक बाहर नहीं घूमने देंगे।”
इसके बाद आरोपियों ने मुंडावरे को घर से जबरन खींचकर एक कार में बैठाया और अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर उनके सिर और हाथों पर बेरहमी से वार किए। शिकायत में कहा गया है कि बाद में आरोपियों ने उन्हें शिंदे नगर इलाके में ड्रीम कैसल के सामने गाली-गलौज करते हुए कार से नीचे उतार दिया। मतदान से ठीक एक दिन पहले हुई इस घटना से पंचवटी इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।
इस बीच, विपक्षी दलों ने पुलिस प्रशासन पर पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए हैं। निर्दलीय उम्मीदवार मुकेश शहाणे और कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन से सवाल पूछने वाले पिता-पुत्र के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद अब कमलेश बोडके पर मामला दर्ज होने को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
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विरोधियों का आरोप है कि तड़ीपारी और अन्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों में पुलिस भाजपा का पक्ष ले रही है। उनका दावा है कि सत्ताधारी गुट के खिलाफ चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों और उनके कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।






