मतदान से पहले लाडली बहना का मास्टरस्ट्रोक, 3000 रुपये ट्रांसफर; महिला वोटरों पर सरकार की नजर

Election Strategy: नासिक मनपा चुनाव से पहले सरकार ने लाडली बहना योजना की दो किश्तें जारी कर दीं। 13 दिनों में 3000 रुपये ट्रांसफर को महिला मतदाताओं को साधने का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
Ahead of the elections, the 'Ladli Behna' scheme delivers a masterstroke: Rs. 3000 transferred; the government is focusing on women voters
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Municipal Election: नासिक मनपा चुनावों के मद्देनजर राज्य सरकार 'मुख्यमंत्री माझी लाडली बहना योजना' के जरिए महिला मतदाताओं को साधने में पूरी तरह जुटी है। पिछले 13 दिनों के भीतर सरकार ने नवंबर और दिसंबर महीने की दो किश्तें (कुल 3000 रुपये) लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी हैं।

मतदान से ठीक दो दिन पहले पैसों का यह हस्तांतरण राजनीतिक गलियारों में सरकार के 'मास्टरस्ट्रोक' के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने पहली किश्त 31 दिसंबर को और दूसरी किश्त 13 जनवरी को जमा की है।

पूरे चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के भाषणों में लाडली बहना योजना ही सबसे बड़ा मुद्दा रही। सत्ताधारी गठबंधन ने बार-बार संदेश दिया कि योजना की निरंतरता के लिए उनका सत्ता में बने रहना जरूरी है।

चुनाव आयोग की रोक और सरकार की काट

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सरकार की योजना दिसंबर और जनवरी की किश्तें एक साथ देने की थी। हालांकि, कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग में की गई शिकायत के बाद आयोग ने जनवरी महीने की अग्रिम राशि देने पर रोक लगा दी थी।

इसके बावजूद, सरकार ने रणनीतिक कौशल दिखाते हुए पुरानी लंबित किश्त (नवंबर) और चालू महीने की किश्त (दिसंबर) को मतदान से ठीक पहले जारी कर विपक्ष की घेराबंदी को नाकाम करने की कोशिश की है।

पिछले 13 दिनों के भीतर मिली इस राशि से सत्ता पक्ष को है। महिला मतदाताओं के बीच अपनी पैठ और अधिक मजबूत होने की उम्मीद दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सीधे तौर पर पैसों का लालच देकर वोट हासिल करने की कोशिश है।

विपक्ष इसे आदर्श आचार संहिता की मूल भावना के खिलाफ बता रहा है। गुरुवार को होने वाले मतदान में नासिक सहित राज्य की अन्य महानगर पालिकाओं में महिला मतदाताओं की भूमिका निर्णायक होगी। 3000 रुपये की यह 'चुनावी भेंट' वोटिंग मशीन पर क्या असर डालती है, यह तो आने वाले परिणाम ही बताएंगे। फिलहाल, लाभार्थी महिलाओं के चेहरों पर खुशी और विपक्षी खेमे में बेचैनी साफ देखी जा सकती है।

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