लाडली बहनों को निराशा, नवंबर के बाद सन्नाटा, दिसंबर–जनवरी की किश्तें अटकी; महिलाएं आर्थिक तंगी में

Gondia Elections: गोंदिया में लाडली बहना योजना की दिसंबर और जनवरी की किश्तें अब तक जमा नहीं हुई हैं। 3.14 लाख महिलाएं प्रभावित हैं और चुनावी माहौल में सरकार की योजना पर सवाल उठ रहे हैं।
The 'Ladli Behna' scheme beneficiaries are disappointed; silence since November, December and January installments are pending; women are facing financial difficulties
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Women Welfare Scheme: गोंदिया चुनावों के बीच महायुति सरकार की नियोजन की कमी से लाडली बहनों की पैसे की उम्मीदें कम हो गई हैं। सरकार की सामाजिक कल्याण योजना के तहत आरक्षित किश्तें न बांटे जाने से जिले की 3 लाख 14 हजार महिलाओं में नाराजगी व्याप्त है।

दो महीने की बकाया किश्तें अभी तक बैंक खाते में जमा नहीं हुई हैं। लाडली बहनों के खाते में सिर्फ नवंबर की 1500 रु. की किश्त ही जमा हुई है। लाडली बहनों को नवंबर, दिसंबर और जनवरी तीन महीनों की किश्तों में 4500 रुपये मिलने की उम्मीद थी।

लेकिन, अकेले नवंबर की किश्त से कई महिलाओं पर आर्थिक असर पड़ा है। इस देरी से घर के नियोजन और दूसरी आवश्यक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।

पहले, फर्जी लाभार्थियों की पहचान के लिए eKYC प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस प्रक्रिया से किश्तों का वितरण रुक गया था। लेकिन, अब नवंबर की किश्त जमा हो गई है, जिससे कुछ राहत मिली है।

लेकिन, दिसंबर और जनवरी की किश्तें अभी भी योग्य बहनों के बैंक खाते में जमा नहीं हुई हैं। इसलिए महिलाओं में चिंता है। किश्तों में देरी के पीछे मुख्य कारण प्रशासकीय प्रक्रिया में कन्फ्यूजन और आर्थिक कमी यह मुख्य कारण है।

नवंबर की किश्त जमा होने के बाद भी, बाकी किश्तों के लिए जरूरी प्रक्रिया अभी भी पूरे किए जा रहे हैं। इसलिए, उम्मीद है कि बहनों को तुरंत मदद मिलेगी।

पार्टियों ने देरी के लिए की आलोचना

हालांकि स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग ने कोई अधिकृत स्पष्टीकरण नहीं दिया है, लेकिन चुनाव के समय ये रुकावटें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

विरोधी पार्टियों ने इस देरी के लिए सरकार की आलोचना की है और सामाजिक कल्याण को लागू करने पर सवाल उठाए हैं। नवंबर की किस्त भले ही जमा हो गई हो, लेकिन बाकी किस्तों में देरी से महिलाओं का हौसला टूट रहा है।

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