
Girish Mahajan:नासिक महानगरपालिका चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
BJP Victory Nashik: नासिक महानगरपालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अकेले दम पर चुनाव लड़ते हुए लगातार दूसरी बार सत्ता बरकरार रखी है। वर्ष 2017 में भाजपा ने 65 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि इस बार पार्टी उससे अधिक सीटें जीतने में सफल रही। हालांकि, 100 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका, इसलिए यह जीत बड़ी होने के बावजूद अपेक्षाओं के अनुरूप पूरी तरह संतोषजनक नहीं मानी जा रही। इसके बावजूद, इस चुनाव में मंत्री गिरीश महाजन की रणनीति पूरी तरह सफल साबित हुई है।
इस चुनाव में भाजपा का असली मुकाबला महाविकास आघाड़ी से कम और महायुति के ही घटक दल शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) से अधिक रहा, जो नतीजों के बाद स्पष्ट हो गया। वहीं, महाविकास आघाड़ी इस चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी और उसे करारी हार का सामना करना पड़ा।
कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में हो रहे इस चुनाव को भाजपा ने प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में लिया था। कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने चुनाव पूर्व अवधि में नासिक में डेरा डालकर संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। विरोधी दलों के उम्मीदवारों और कुछ प्रभावशाली नेताओं को भाजपा में शामिल कर उन्होंने राजनीतिक समीकरण अपने पक्ष में मोड़ दिए। महायुति के रूप में चुनाव लड़ने के संकेत देकर शिवसेना शिंदे गुट और अजित पवार गुट को आंशिक रूप से असमंजस में रखने में भाजपा को शुरुआती सफलता मिली।
हालांकि, चुनाव से कुछ दिन पहले स्थिति भांपते ही शिंदे गुट ने भी आक्रामक रुख अपनाया और अन्य दलों के उम्मीदवारों को अपने पाले में किया। इसी रणनीति के चलते शिंदे गुट को कुछ महत्वपूर्ण सीटों पर जीत मिली, लेकिन अजित पवार गुट को इस चुनाव में खास सफलता नहीं मिल सकी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो वर्ष 2014 में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने सबसे अधिक सीटें जीतकर महानगरपालिका में वर्चस्व स्थापित किया था। 2017 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद शहर में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए। सड़कों, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं पर जोर दिए जाने के कारण भाजपा को इस बार भी मतदाताओं का समर्थन मिला।
हालांकि, टिकट वितरण के दौरान कई इच्छुक उम्मीदवारों को मौका न मिलने से पार्टी के भीतर नाराजगी पैदा हुई थी। मंत्री गिरीश महाजन ने समन्वय की भूमिका निभाकर इस असंतोष को काफी हद तक दूर किया। साथ ही, तपोवन क्षेत्र में वृक्ष कटाई जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी उन्होंने संतुलित तरीके से संभाला, जिससे भाजपा के खिलाफ माहौल नहीं बन सका।
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कुंभ मेले के लिए लगभग 25 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य मंजूर होने के कारण नासिक महानगरपालिका पर सत्ता बनाए रखना भाजपा के लिए बेहद जरूरी था। महापौर पद अपने नियंत्रण में रखने के लिए पार्टी ने सूक्ष्म योजना, संगठनात्मक शक्ति और विकास के एजेंडे को प्रभावी ढंग से पेश किया। कुछ महीने पहले त्र्यंबकेश्वर नगरपालिका चुनाव में अध्यक्ष पद न जीत पाने की टीस भाजपा के लिए खलने वाली थी, जिसे नासिक महानगरपालिका की जीत से काफी हद तक दूर किया जा सका।
कुल मिलाकर, भाजपा की यह जीत विकास कार्यों, सटीक रणनीति और मंत्री गिरीश महाजन के नेतृत्व का परिणाम है, हालांकि सहयोगी दलों की ओर से खड़ी की गई चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।






