
Nashik municipal action (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Action: नासिक शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर नासिक नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने सड़क मरम्मत कार्य में गंभीर खामियां पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए काम रुकवा दिया और स्पष्ट किया कि गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आयुक्त मनीषा खत्री ने वडाला शिवार स्थित संत सावता माली नगर और विठ्ठल मंदिर परिसर में चल रहे सड़क मरम्मत एवं सरफेस ड्रेसिंग कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि स्वीकृत बजट और तकनीकी मानकों के अनुसार जहां ‘RS1 बिटुमेन’ मिश्रण का उपयोग अनिवार्य था, वहां उसकी जगह ‘VG30 बिटुमेन’ का उपयोग किया जा रहा था।
तकनीकी मानकों के इस गंभीर उल्लंघन को देखते हुए आयुक्त ने तत्काल कार्य रोकने के आदेश दिए। साथ ही ठेकेदार और संबंधित मनपा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अब तक बिछाई गई सड़क की पूरी परत हटाकर निर्धारित RS1 मिश्रण के साथ नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण कार्य किया जाए।
इस दौरान आयुक्त खत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “नागरिकों के टैक्स के पैसों से किए जाने वाले हर विकास कार्य में गुणवत्ता ही अंतिम पैमाना है। घटिया काम करने वालों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाई जाएगी।”
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निरीक्षण के समय अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप चौधरी, गुणवत्ता अभियंता नितिन पाटिल, शहर अभियंता संजय अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त की इस सख्त कार्रवाई से ठेकेदारों और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि नासिक में विकास कार्यों के लिए अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति प्रभावी रूप से लागू की जा रही है।






