हिवरा संगम में 'खूनी' हाईवे, रेत के ट्रक ने 2 दोस्तों को कुचला, तीन दिनों में तीसरे हादसे से दहला इलाका

Nagpur Tuljapur Highway Accident: महागांव में रेत के ट्रक ने दो युवकों को कुचला। हिवरा संगम बायपास का काम अधूरा होने से बढ़ रहे हादसे। ग्रामीणों का आक्रोश, प्रशासन को स्पीड ब्रेकर का अल्टीमेटम।
Tragic accident at Hivra Sangam as a speeding sand truck kills two youths. Villagers demand immediate completion of the bypass on Nagpur-Tuljapur Highway.
हिवरा संगम के पास दुर्घटना (सौजन्य-नवभारत)
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Mahagaon Sand Truck Crash: महागांव (सं) नागपुर–तुलजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित बायपास का काम शुरू न होने के कारण संकरे गांव के रास्ते से हो रही खतरनाक यातायात ने एक बार फिर दो युवकों की जान ले ली। रेत से भरे तेज रफ्तार टिप्‍पर ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें दो युवकों की मृत्यु हो गई। यह हादसा शनिवार, 31 जनवरी को दोपहर करीब एक बजे हिवरा संगम के पास हुआ।

महागांव तहसील के अंबोडा निवासी देवानंद डोडके (19) और उसका मित्र शुभम पाटे (18) बाइक क्रमांक एमएच 29 सीएफ 8799 से माहूर की ओर जा रहे थे। हिवरा संगम के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार रेतवाहक टिप्‍पर क्रमांक एमएच 40 बीएल 9544 ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सीधा टिप्‍पर के भीतर जा घुसी और पीछे की ओर फंस गई।

नाली में गिरा टिप्पर

टिप्‍पर संतुलन खोकर पलट गया और सड़क किनारे नाली में जा गिरा। मौके पर ही देवानंद की पहिए के नीचे आकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गंभीर घायल शुभम को स्थानीय युवकों ने बाहर निकालकर पहले माहूर सरकारी अस्पताल पहुँचाया।हालत गंभीर होने पर उसे यवतमाल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। हादसे से कुछ देर यातायात बाधित रहा। सूचना मिलते ही थानेदार धनराज नीले, बिट जमादार विनोद जाधव, सुनील राठौड़, विवेक पारडकर तथा महामार्ग पुलिस सहायता केंद्र के पीएसआई किशोर गवई, जमादार सुभाष नागदिवे मौके पर पहुंचे और यातायात सुचारू कराया। पंचनामा कर शवों को सवना ग्रामीण अस्पताल भेजा गया।

नागपुर–तुलजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग बना मौत का जाल

हिवरा संगम में राजमार्ग पर बायपास प्रस्तावित है, परंतु राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही के कारण काम शुरू नहीं हुआ। भारी यातायात गाँव के संकरे मार्ग से होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। गुरुवार को भी एक युवक की मौत हुई थी। नागरिकों का सवाल आख़िर कितनी जानें जाने के बाद बायपास का काम शुरू होगा?

थानेदार की पहल से टला आंदोलन

गांव में डामरीकरण के बाद गति अवरोधक बनाने की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे, परंतु राजमार्ग प्राधिकरण ने न तो बायपास का काम शुरू किया और न ही स्पीड ब्रेकर बनाए। तेज रफ्तार वाहनों से लगातार दुर्घटनाएँ हो रही हैं, जिससे ग्रामीण आंदोलन के मूड में थे।

स्थिति को देखते हुए थानेदार धनराज नीले ने हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को समझाया और प्राधिकरण के अधिकारियों से फोन पर बात की। अधिकारियों ने चार दिनों में गति अवरोधक बनाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने बुधवार तक प्रतीक्षा करने पर सहमति जताई।

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