भंडारा: इलाज के लिए नहीं रुकेंगे हाथ! CM सहायता निधि से 18 मरीजों को मिले 15.20 लाख, जानें कैसे मिलेगा लाभ

भंडारा में 18 जरूरतमंद मरीजों को मुख्यमंत्री सहायता निधि से 15.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली, गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए राहत।
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CM Sahayata Nidhi Bhandara: महाराष्ट्र के भंडारा जिले के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए एक सुखद खबर सामने आई है। भंडारा जिला कलेक्टर कार्यालय में संचालित मुख्यमंत्री सहायता निधि (CMRF) और धर्मादाय अस्पताल सहायता कक्ष के माध्यम से पिछले तीन महीनों में 18 मरीजों को कुल 15 लाख 20 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। यह उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है जो इलाज के भारी-भरकम खर्च के कारण परेशान थे।

गंभीर बीमारियों के लिए बना 'जीवनदान'

अक्सर देखा जाता है कि कैंसर, हृदय रोग, किडनी प्रत्यारोपण (Transplant), डायलिसिस और न्यूरो (मस्तिष्क) से जुड़ी बीमारियों का खर्च आम आदमी की पहुंच से बाहर होता है। जो मरीज अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत या महात्मा फुले योजना) के दायरे में नहीं आ पाते, उनके लिए यह निधि 'जीवनदान' साबित हो रही है।

अब मुंबई जाने की जरूरत नहीं

पहले इस सहायता राशि के लिए ग्रामीणों और मरीजों के परिजनों को मुंबई स्थित मंत्रालय के चक्कर काटने पड़ते थे। इसमें न केवल समय बर्बाद होता था, बल्कि आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। आम जनता की इसी पीड़ा को समझते हुए राज्य सरकार ने जिला स्तर पर ही सहायता कक्ष स्थापित किए हैं। भंडारा जिला कार्यालय में 1 मई 2025 से यह कक्ष सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही फाइलों का निपटारा तेजी से हो रहा है।

किसे मिल सकता है लाभ?

जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष बत्रा ने जानकारी दी कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें और आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य हैं।

आय सीमा: मरीज के परिवार की वार्षिक आय 1.60 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

दस्तावेज: आवेदन के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र और अस्पताल द्वारा दिया गया चिकित्सा खर्च का अनुमानित बजट (Original Quotation) जमा करना होता है।

प्रशासन ने जिले के सभी पात्र और जरूरतमंद नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं और सीधे जिला कलेक्टर कार्यालय स्थित सहायता कक्ष से संपर्क करें ताकि धन के अभाव में किसी का उपचार न रुके।

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