
public transport Nashik (सोर्सः सोशल मीडिया)
Public Transport Nashik: केंद्रीय बजट 2021-22 में नासिक के लिए मेट्रो की घोषणा के बावजूद इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोकसभा में सांसद राजाभाऊ वाजे द्वारा पूछे गए एक विस्तृत प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो राज्य का विषय है और यह एक खर्चीला प्रोजेक्ट है। मंत्रालय के अनुसार, प्रस्ताव की समीक्षा के बाद इसे टिप्पणियों के साथ वापस भेज दिया गया है, जिससे नासिक मेट्रो का भविष्य अब अधर में लटक गया है।
नासिक शहर की तेजी से बढ़ती जनसंख्या और यातायात की समस्या को देखते हुए सांसद वाजे ने अतारांकित प्रश्न संख्या 183 के माध्यम से सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था। उन्होंने मेट्रो परियोजना की वर्तमान स्थिति, आवश्यक मंजूरियां, निधि, बाधाएं और 2027 के कुंभ मेले से पहले इसे क्रियान्वित करने की योजना सहित छह प्रमुख बिंदुओं पर उत्तर मांगा था। हालांकि, मंत्रालय के संक्षिप्त जवाब ने नासिक के नागरिकों की उम्मीदों को झटका दिया है।
मंत्रालय के उत्तर से यह स्पष्ट हुआ है कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत ‘मेट्रो निओ’ प्रस्ताव को केंद्र ने कुछ टिप्पणियों (निरीक्षणों) के साथ वापस भेज दिया था। हालांकि, उन टिप्पणियों पर आगे क्या कार्रवाई हुई, इस पर केंद्र ने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। बजट में घोषणा के वर्षों बाद भी जमीनी स्तर पर प्रगति न होना सरकार की उदासीनता को दर्शाता है।
आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान नासिक में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे समय में मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन की सख्त आवश्यकता होने के बावजूद, सरकार के पास कुंभ-पूर्व मेट्रो को लेकर कोई स्पष्ट कार्ययोजना नहीं है।
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सांसद राजाभाऊ वाजे ने कहा कि “बढ़ते शहरीकरण और यातायात के दबाव को देखते हुए मेट्रो या निओ मेट्रो नासिक की अनिवार्य आवश्यकता है। बजट में घोषणा के बाद भी केंद्र सरकार का इससे पल्ला झाड़ना निराशाजनक है और यह नासिक के लोगों के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। हम मेट्रो के हक के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।”






