
spiritual tourism (सोर्सः सोशल मीडिया)
Trimbakeshwar Prasad Yojana: संत निवृत्तिनाथ महाराज ने योग साधना के माध्यम से आत्मज्ञान का सर्वोच्च अनुभव प्राप्त किया और अध्यात्म को केवल ग्रंथों तक सीमित न रखते हुए अपने आचरण से समाज के सामने एक आदर्श स्थापित किया। उनके विचार आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। यह प्रतिपादन केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया।
त्र्यंबकेश्वर स्थित संत श्री निवृत्तिनाथ महाराज समाधि परिसर में केंद्र सरकार की ‘प्रसाद’ योजना के अंतर्गत नवनिर्मित प्रशासनिक भवन और दर्शन दीर्घा (कतार मंडप) का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्य के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर, सांसद भास्कर भगरे, त्र्यंबक नगर परिषद की अध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार और संस्थान के अध्यक्ष अधिवक्ता सोमनाथ घोटेकर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि संत निवृत्तिनाथ महाराज ने अध्यात्म का वास्तविक अर्थ आम जनमानस तक पहुंचाया। उनके मार्गदर्शन में भक्ति और ज्ञान का एक सुंदर और संतुलित संगम स्थापित हुआ। उनके कार्य केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहे, क्योंकि उन्होंने समाज में समानता, बंधुत्व और सदाचार के मूल्यों को सुदृढ़ किया।
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मंत्री शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना के अनुरूप ‘प्रसाद’ योजना के तहत देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसी क्रम में संत निवृत्तिनाथ महाराज समाधि परिसर का नियोजित और स्थायी विकास किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शेष विकास कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और शिलापट्ट के अनावरण के साथ की गई।






