लघु उद्योगों को मिलेगा बड़ा 'बूस्ट' (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nashik News: नासिक के औद्योगिक जगत में लंबे समय बाद एक नई जान आई है। नए-नए उद्योगों के आने से बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुल गए हैं। पिछले महीने महिंद्रा ने इगतपुरी में बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की थी, और अब एपीरॉक जैसी कंपनियां भी नासिक में बड़े निवेश कर रही हैं।
एपीरॉक ने गोंदे में 42 एकड़ की जमीन पर 350 करोड़ रुपये के निवेश का एलान किया है, जिससे सीधे तौर पर 200 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह तो बस शुरुआत है। लिथियम आयन बैटरी बनाने वाली ग्रेफाइट इंडिया 4,761 करोड़ रुपये और व्हर्चुओसो ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स दिंडोरी में 800 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इन बड़े प्रोजेक्ट्स से नासिक के छोटे उद्योगों को भी फायदा होगा और कुल मिलाकर 1,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
निमा (नासिक इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष आशीष नहार ने कहा कि नासिक में उद्योगों के लिए जरूरी सुविधाएं और अच्छा माहौल है, जिसकी वजह से यहां निवेश बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि एपीरॉक ने अपने प्रोजेक्ट में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने का वादा किया है। यह कंपनी दुनिया के 43 देशों में अपने उत्पाद बेचती है और अब भारत में ही अपने सभी उत्पाद बनाने का लक्ष्य रखा है।
इन परियोजनाओं में से कई ‘गो ग्रीन’ (Go Green) की अवधारणा पर भी जोर दे रही हैं, जिससे नासिक के औद्योगिक विकास को एक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल दिशा मिलेगी। एपीरॉक जैसी कंपनियां, जिनके उत्पाद 43 से ज्यादा देशों में निर्यात होते हैं, का भारत में उत्पादन शुरू करना देश के लिए ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को मजबूत करेगा। निमा अध्यक्ष आशीष नहार ने कहा कि वे सरकार और प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं।
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आशीष नाहर, अध्यक्ष, निमा ने कहा कि शहर में और भीले प्रोजेक्ट आने वाले हैं। निमा इसके लिए सरकार और प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। हम उन कंपनियों के संपर्क में हैं, जिनके साथ दावोस में समझौता हुआ था। हमारा संकल्प नासिक को औद्योगिक क्षेत्र में नंबर 1 पर लाना है।
इस बड़े निवेश के पीछे कई कारण हैं। निमा के अध्यक्ष आशीष नहार ने बताया कि नासिक में उद्योगों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और अनुकूल माहौल उपलब्ध है। कंपनियों को यहां कुशल श्रमिक, बेहतर कनेक्टिविटी और सरकार का सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा, एपीरॉक जैसी कंपनियों ने अपने प्रोजेक्ट में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने का वादा किया है।