
Nimani Bus Stand issue (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Traffic Diversion: द्वारका सर्कल पर प्रस्तावित ग्रेड सेपरेटर के निर्माण कार्य के चलते किए गए यातायात बदलावों का सबसे बड़ा असर निमाणी बस स्टैंड से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है। बिना किसी ठोस पूर्व सूचना, वैकल्पिक व्यवस्था या यात्री सुविधा केंद्र के लागू किए जा रहे इन बदलावों से निमाणी बस स्टैंड पर भ्रम और भारी नाराजगी का माहौल बन गया है।
निमाणी बस स्टैंड से रोजाना सूरत, वापी, इंदौर, मालेगांव, जलगांव, धुलिया, नंदुरबार सहित छत्रपति संभाजीनगर और जालना की ओर जाने वाली सैकड़ों बसें संचालित होती हैं। अब इन सभी बसों को नांदुरनाका-नासिक रोड-इंदिरानगर अंडरपास मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा, जिससे यात्रियों का यात्रा समय काफी बढ़ जाएगा।
मार्ग परिवर्तन के कारण यात्रियों का समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे, साथ ही उन्हें अन्य परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ेगा। पर्याप्त जानकारी के अभाव में बस छूटने की आशंका बनी हुई है, जबकि बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धुलिया और जलगांव मार्ग से मुंबई आने-जाने वाली सभी राज्य परिवहन (एसटी) बसों के निमाणी बस स्टैंड पर रुकने तथा यात्रियों को चढ़ाने-उतारने पर रोक लगा दी गई है। ये बसें अब सीधे महामार्ग बस स्टैंड से संचालित होंगी। ग्रामीण क्षेत्रों से आकर मुंबई की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव सबसे अधिक कष्टदायक साबित हो रहा है।
निमाणी बस स्टैंड पर बढ़ते तनाव को देखते हुए यात्रियों ने प्रशासन से तत्काल निम्नलिखित व्यवस्थाओं की मांग की है।
स्वतंत्र यात्री मार्गदर्शन केंद्र (Help Desk) की स्थापना
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अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से नियमित घोषणाएं की। जानकारों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते यात्रियों के लिए सुलभ उपाय नहीं किए, तो द्वारका ग्रेड सेपरेटर का काम शुरू होने से पहले ही निमाणी बस स्टैंड यात्रियों के बड़े विरोध का केंद्र बन सकता है।
नासिक-सटाणा के यात्री प्रदीप शिलावट ने कहा कि “हम ग्रामीण क्षेत्रों से सुबह जल्दी आते हैं। निमाणी से ही मुंबई की बस मिलती थी। अब अचानक बसें महामार्ग स्टैंड शिफ्ट कर दी गईं। वहां कैसे पहुंचें, कोई सूचना नहीं दी गई। यह सरासर अन्याय है।”






