
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Devlali Camp: नासिक आर्टिलरी स्कूल, देवलाली कैंप (मुख्यालय तोपखाना) की ओर से सोमवार, 9 फरवरी 2026 को बड़ा युद्धाभ्यास आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान नासिक और इगतपुरी तहसील के ‘जेड सेक्टर’ में तोपों से गोलाबारी का अभ्यास किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अपर जिला मजिस्ट्रेट रोहितकुमार राजपूत ने नागरिकों को चेतावनी जारी की है कि वे निर्धारित समय के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें। दो तहसीलों के 23 गांव खतरे की जद में! प्रशासन के अनुसार, तोपों की मारक सीमा के अंतर्गत आने वाले गांवों के नागरिकों को सतर्क कर दिया गया है।
नासिक तहसील का वंजारवाडी और इगतपुरी तहसील के टाकेद खुर्द, अधरवड, बेलगांव तरहाले, सोनांशी, वारशिंगवणे, नांदूरवैद्य, धामणगांव, अस्वली और लहवित जैसे कुल 23 गांवों के कुछ हिस्से इस रेंज में आते हैं।
इन सभी गांवों में मुनादी (दवंडी) के माध्यम से लोगों को सूचित किया गया है कि वे सोमवार सुबह 8:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक अपने घरों से बाहर सुरक्षित स्थानों पर रहे।
सेना के इस युद्धाभ्यास के दौरान केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि पालतू पशुओं को भी फायरिंग रेंज के पास ले जाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। अक्सर ग्रामीण अपने मवेशियों को चराने के लिए पहाड़ी इलाकों में ले जाते हैं, जो गोलाबारी के दौरान जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा घेरे का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करता है और किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की नहीं होगी।
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सैन्य अधिकारियों और पुलिस की टीमें युद्धाभ्यास वाले दिन पूरे क्षेत्र की निगरानी करेंगी ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति फायरिंग रेंज के पास न पहुंच सके।






