
Shalarth ID Scam:नागपुर में शालार्थ आईडी घोटाले (सोर्सः सोशल मीडिया)
Headmaster Arrested Nagpur: राज्यभर में चर्चित बोगस शालार्थ आईडी और फर्जी शिक्षक घोटाले में सदर पुलिस ने एक मुख्याध्यापक सहित दो शिक्षकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्याध्यापक भाऊराव मधुकर मालचे (56), शिक्षक दिनेशकुमार छबीलाल कटरे (44) और रूपाली बिहारीलाल रहांगडाले (40) शामिल हैं।
तीनों आरोपी गोंदिया जिले की तिरोड़ा तहसील में स्थित मिलिंद मागासवर्गीय शिक्षण संस्था द्वारा संचालित सिद्धार्थ हाईस्कूल एंड जूनियर कॉलेज में कार्यरत हैं। अप्रैल 2025 में सदर पुलिस ने इस घोटाले के संबंध में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। शालार्थ आईडी घोटाले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है, जबकि फर्जी स्कूल शिक्षक घोटाले की जांच सदर पुलिस कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई शिक्षकों ने नौकरी प्राप्त की और बाद में उन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर शालार्थ आईडी तैयार की गई। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि लाखनी निवासी पराग नाना पुडके ने ओंकार मल्टीपरपज एजुकेशन सोसायटी के अंतर्गत नागपुर के यादव नगर स्थित एसकेबी उच्च प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय के नाम से फर्जी दस्तावेज और नकली अनुभव प्रमाणपत्र तैयार किए थे। साथ ही फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर प्रस्ताव भेजकर शालार्थ आईडी बनाई गई।
ये भी पढ़े: ‘मालेगांव में एकनाथ शिंदे ने मांगा AIMIM का साथ’, इम्तियाज जलील के सनसनीखेज दावे से सियासी हड़कंप
इसके बाद पुलिस ने पराग पुडके को भी गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में पुलिस अब तक शिक्षा उपसंचालक उल्हास नरड, शिक्षक, मुख्याध्यापक सहित 17 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। डीसीपी जोन-2 नित्यानंद झा के मार्गदर्शन में सदर थाने के पीआई अमोल देशमुख, पीएसआई संतोष शिरडोळे, हेड कांस्टेबल प्रलेश कापसे और सुनील राऊत की टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। अदालत ने उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुछ और शिक्षक एवं मुख्याध्यापक रडार पर हैं और आगे भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।






