Nagpur News: साजिश के तहत शिक्षा उपसंचालक नरड की गिरफ्तारी, महाराष्ट्र प्रांतीय तैलिक महासभा ने किया आरोप व विरोध

नागपुर संभाग के शिक्षा उपनिदेशक उल्हास नरड को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस गिरफ्तारी को लेकर महाराष्ट्र प्रांतीय तैलिक महासभा ने इसका विरोध जताया है।
साजिश के तहत हुई शिक्षा उपसंचालक नरड की गिरफ्तारी
साजिश के तहत हुई शिक्षा उपसंचालक नरड की गिरफ्तारी। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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नागपुर: नागपुर संभाग के शिक्षा उपनिदेशक उल्हास नरड को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया जब वह एक पारिवारिक कार्यक्रम के लिए गढ़चिरौली में छुट्टियां मना रहे थे। नागपुर के सदर पुलिस स्टेशन ने उन्हें शुक्रवार शाम एक शादी समारोह से गिरफ्तार कर लिया। मुन्ना वाघमारे (पालंदूर, लाखनी) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर नरड उसी रात गढ़चिरौली में गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई दर्शाती है कि पुलिस कितनी तत्परता से काम कर रही है। लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल तब उठता है जब हत्यारों, लुटेरों और अन्य आपराधिक घटनाओं में बदमाशों को पकड़ने में उसे काफी समय लग जाता है। पुलिस की इस गिरफ्तारी को लेकर महाराष्ट्र प्रांतीय तैलिक महासभा ने इसका विरोध जताया है।

महासभा की ओर से कहा गया कि तेली समुदाय के एक वरिष्ठ पदाधिकारी को बिना किसी सरकारी जांच या एसीबी के ट्रैप में फंसे नहीं होते हुए भी किसी पेंटर द्वारा दी गई फरयाद के आधार पर नरड की गिरफ्तारी की गई। यह समुदाय के खिलाफ एक भयानक साजिश है। महासभा ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि नरड ने कोई हत्या नहीं की थी, वहीं उन्हें किसी काम के लिए पैसे लेते हुए नहीं पकड़ा गया था। कोई हत्यारे को पकड़ने में पुलिस कभी ऐसी मुस्तैदी नहीं दिखाती।

पुलिस ने हड़बड़ी में की कार्रवाई

वहीं 2010 में जब नरड गोंदिया शिक्षा अधिकारी थे, तब उन्होंने गलत स्वीकृति दी थी। इस पर फरयादी एक पेंटर ने नागपुर सदर पुलिस थाने में नरड के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद तुरंत पुलिस ने रात में ही नरड गिरफ्तार कर लिया और अपना कर्तव्य पूरा किया। बता दें कि, वे विजय माल्या, ललित मोदी, दाऊद इब्राहिम जैसे लोग थे या फिर वे मुंबई बम विस्फोटों के आरोपी थे? महाराष्ट्र में तेली समुदाय इस बात से बेहद नाराज है। समुदाय के वरिष्ठ पदाधिकारियों को बिना किसी जांच के गिरफ्तार कर लिया गया है।

बदनाम करने की साजिश

यदि किसी समाचार पत्र में मानहानि की बात कही जा रही है तो महासभा राज्य में इसका विरोध करेगी, ऐसा विज्ञप्ति में कहा गया। शुक्रवार को अखबार में खबर थी कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी नीलेश वाघमारे को परसों निलंबित कर दिया गया। इसके लिए नरड जिम्मेदार हैं। ऐसा नहीं है कि किसी ने उन्हें गलत समझा और बदला लेने के लिए उन्हें गिरफ्तार करने तथा समाचार पत्रों और मीडिया में उन्हें बदनाम करने की साजिश रची। इससे भी संदेह पैदा होता है क्योंकि यहां फरयादी पेंटर मुन्ना वाघमारे हैं। हालांकि, निलंबित नीलेश वाघमारे बाहर हैं। महाराष्ट्र की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें...

तेली समुदाय के भीतर एक सत्ता-विरोधी लॉबी सक्रिय

इस बात पर संदेह है कि महाराष्ट्र में तेली समुदाय के भीतर एक सत्ता-विरोधी लॉबी सक्रिय है। अगर कोई अधिकारी अपराधी है तो उसे माफ कर दो, संगठन की ऐसी कोई भूमिका नहीं है। अपराधी को दंडित किया जाना चाहिए, लेकिन शिकायत की जांच भी होनी चाहिए। तेली समुदाय के सबसे प्रभावशाली मंत्री सरकार में हैं। फिर भी, अनुचित अन्याय और बदनामी समुदाय की हो रही है। महाराष्ट्र प्रांतीय तैलिक महासभा के अध्यक्ष और नेता पूर्व सांसद रामदास तड़स यह भी सरकार के समर्थक हैं। उन्होंने इस पर नाराजगी भी जताई है। एक ऐसे समाज में जो हर तरह से सरकार समर्थक है, समाज के लोगों को गिरफ्तार किया जाता है और अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम किया जाता है।

नरड को न्याय मिलना चाहिए

इसलिए इस गिरफ्तारी का विरोध महासभा करती है। अगर नरड निर्दोष हैं तो न्याय मिलना चाहिए। यह मांग शनिवार को आयोजित आम सभा की बैठक में व्यक्त की गई। इस बैठक में प्रांतीय सहसचिव बलवंत मोरघड़े की अध्यक्षता में नागपुर में हुई। बैठक में संभागीय अध्यक्ष जगदीश वैद्य, प्रदेश युवा गठबंधन के कार्यकारी अध्यक्ष नंदकिशोर दंडारे, महिला अध्यक्ष श्रीमती नयना झाड़े, युवा अध्यक्ष प्रवीण बावनकुले, नागपुर जिला अध्यक्ष पुष्कर डांगरे, उपाध्यक्ष रमेश उमाटे, विनायक तुपकर, केशव सुरकर, गजानन दांडेकर, सुभाष ढाबले, गणेश गाडेकर, चेतन देशमुख, एडवोकेट घाटे, वंदना साठवने आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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