Bhandara: प्रक्रिया के बजाय कचरे के ढेरों में लगाई जा रही आग, धुएं से घुट रहा दम

Garbage Burning Pollution: भंडारा के जमनी स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में कचरा जलाने से जहरीला धुआं फैल रहा है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है।
Jamni waste plant
Garbage Burning Pollution:भंडारा के जमनी (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Bhandara Solid Waste Management: भंडारा शहर की स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालने वाली भंडारा नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वरठी रोड स्थित जमनी परिसर में संचालित नगर परिषद के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में नियमों को ताक पर रखकर कचरा जलाए जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कचरे के दहन से निकलने वाले जहरीले धुएं और असहनीय दुर्गंध के कारण पूरे टाकली परिसर सहित आसपास के रिहायशी इलाकों के नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया है।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में गीले और सूखे कचरे को अलग कर उस पर वैज्ञानिक तरीके से प्रक्रिया करना अपेक्षित है, लेकिन इसके विपरीत यहां कचरे के ढेरों में खुलेआम आग लगाई जा रही है। इसके चलते आकाश में धुएं के बड़े-बड़े गुबार छा रहे हैं। इस प्रदूषित धुएं के कारण वरिष्ठ नागरिकों, छोटे बच्चों और अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों का रोष

स्थानीय निवासियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि कचरा प्रबंधन केंद्र से राहत मिलने के बजाय वहां कचरा जलाकर लोगों का दम घोंटा जा रहा है। भंडारा शहर में प्रतिदिन लगभग 40 टन कचरा निकलता है। इस कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन के लिए नगर परिषद के माध्यम से जमनी गांव में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना शुरू की गई थी। प्रारंभ में इस योजना को एक सकारात्मक और पर्यावरण-हितैषी पहल के रूप में सराहा गया था। योजना का मुख्य उद्देश्य शहर के कचरे से जैविक खाद तैयार कर स्थायी स्वच्छता सुनिश्चित करना था।

कचरा छंटनी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं

कुछ समय तक यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक चली भी, लेकिन नगर परिषद द्वारा तैयार की गई जैविक खाद के उपयोग अथवा बिक्री के संबंध में प्रशासन पूरी तरह विफल रहा। वर्तमान में कचरा छंटनी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं होने के कारण सारा कचरा एकत्र हो रहा है और उस पर प्रक्रिया करना कठिन होने के चलते अब उसे जलाने का शॉर्टकट अपनाया जा रहा है।

पर्यावरण नियमों की सरेआम अनदेखी

कचरा जलाने का यह सिलसिला आखिर किसके आदेश से चल रहा है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। कचरे पर प्रक्रिया करने के बजाय उसे जलाकर नष्ट करने का विकल्प प्रशासन ने क्यों चुना, इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खुले में कचरा जलाना पर्यावरण नियमों का सीधा उल्लंघन है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं।

नियमों की खुलेआम धज्जियां

विडंबना यह है कि स्वयं नगर परिषद प्रशासन ही इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर परिषद ही प्रदूषण फैलाएगी, तो आम जनता को स्वच्छता का पाठ कौन पढ़ाएगा। इस मामले में स्थानीय निवासियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत करने की चेतावनी दी है। अब देखना यह होगा कि नगर परिषद प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या सुधारात्मक कदम उठाता है।

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