महाराष्ट्र सरकार का बड़ा निर्णय, एसटी की शिवशाही पर लगेगा ब्रेक, जानें क्या है कारण

Shivshahi Bus Closure: महाराष्ट्र सरकार ने एमएसआरटीसी की शिवशाही बसों को तकनीकी खराबियों और घटती मांग के चलते सेमी-लग्जरी व साधारण बसों में बदलने का फैसला लिया है।
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ST bus update (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Transport: यात्रियों की सुविधा के लिए धूमधाम से शुरू की गईं महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की ‘शिवशाही’ बसें एक समय निजी ट्रैवल्स कंपनियों को कड़ी टक्कर देती थीं। लेकिन परिवहन क्षेत्र में अग्रणी साबित हुआ एसटी का यह बड़ा ब्रांड अब बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।

महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के बेड़े में शामिल ‘शिवशाही’ बसों को लेकर राज्य सरकार एक अहम फैसला लेने की तैयारी में है। लगातार होने वाली तकनीकी खराबियों और यात्रियों के घटते रुझान को देखते हुए निगम के स्वामित्व वाली 453 शिवशाही बसों को अब अर्ध-आरामदायक (सेमी-लग्जरी) और साधारण बसों में तब्दील करने की योजना है। दावा किया जा रहा है कि एक समय यात्रियों की पहली पसंद रही शिवशाही बसें अब इस नए साधारण अवतार में सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी।

सरकार ने मानी विफलता

एसटी महामंडल के पास कुल 688 शिवशाही बसें हैं, जिनमें से 453 बसें फिलहाल अच्छी स्थिति में और चालू हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन बसों की उम्र 10 साल से अधिक नहीं है। बार-बार होने वाली तकनीकी खराबियों और एयर कंडीशनिंग सिस्टम से जुड़ी शिकायतों के चलते इन बसों के रूपांतरण का निर्णय लिया गया है। सरकार ने यह भी स्वीकार किया है कि शिवशाही बसों में लगातार आ रही खामियों के कारण यात्री अब इनसे दूर होते जा रहे थे।

‘राजमाता जिजाऊ’ के नाम से नई सेवा

इस बीच, महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास को आधुनिकता से जोड़ते हुए महामंडल के बेड़े में जल्द ही नई बसें शामिल होने जा रही हैं। भीड़-भाड़ वाले मार्गों पर यात्रियों को खड़े होकर सफर न करना पड़े, इसके लिए 3x2 सीटिंग व्यवस्था वाली 55 सीटों की अत्याधुनिक बसों की खरीद की गई है। इन नई बसों का नाम हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की माता ‘राजमाता जिजाऊ’ के नाम पर रखा गया है।