अपनों ने ही घेरी मशाल! नागपुर में किशोर कुमेरिया और नितिन तिवारी के बीच आर-पार की लड़ाई

Nagpur Shiv Sena UBT: नागपुर शिवसेना (UBT) के प्रभाग 28 में शहर प्रमुख और जिला प्रमुख आमने-सामने। मशाल की रोशनी में अपनों से ही जंग। 'मातोश्री' तक पहुंची कलह की गूंज।
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महाराष्ट्र निकाय चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur Municipal Election: मराठी मुद्दे को लेकर चुनावी मैदान में उतरी उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के भीतर नागपुर में विवाद चरम पर पहुंच गया है। स्थिति यह है कि पार्टी के 2 बड़े पदाधिकारी एक जिला प्रमुख और दूसरा शहर प्रमुख एक दूसरे के खिलाफ आमने-सामने आ गए हैं। नागपुर में पहली बार ऐसा नजारा दिख रहा है जहां पार्टी के ही 2 उम्मीदवार एक दूसरे के खिलाफ अलग-अलग प्रचार कर रहे हैं।

प्रभाग क्रमांक 28 बना जंग का मैदान

यह पूरा विवाद पूर्व और दक्षिण नागपुर विधानसभा क्षेत्र की सीमा पर स्थित प्रभाग क्रमांक 28 में चल रहा है। इस प्रभाग ने पिछले 2 दशकों से नागपुर में शिवसेना की पहचान बनाए रखी है लेकिन अब यहां ‘नूरा कुश्ती’ जारी है। शहर प्रमुख नितिन तिवारी ने आरोप लगाया है कि जिला प्रमुख और 2 दशक से पार्षद रहे किशोर कुमेरिया ने ओबीसी वर्ग की बजाय आखिरी समय में सामान्य वर्ग से उम्मीदवारी दाखिल की।

इसके विरोध में तिवारी ने भी कुमेरिया के खिलाफ उसी वार्ड से ताल ठोक दी है। दूसरी ओर किशोर कुमेरिया का आरोप है कि नितिन तिवारी को शिंदे गुट के नेता दुष्यंत चतुर्वेदी और मुंबई से विधायक वरुण सरदेसाई का समर्थन प्राप्त है जिस कारण वे यह विद्रोह कर रहे हैं।

पार्टी की चिंता बढ़ी

पार्टी के भीतर इस कलह से संपर्क प्रमुख सतीश हरडे भी काफी व्यथित बताए जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसी प्रभाग की पूर्व पार्षद मंगला गवरे, कुमेरिया की बजाय तिवारी के साथ ‘मशाल’ लेकर चुनाव प्रचार कर रही हैं। ठाकरे गुट को इस प्रभाग से 2 सीटों पर जीत की पूरी उम्मीद थी।

इसके अलावा पार्टी को प्रभाग क्रमांक 7, 34, 24 और 20 में भी अपनी जीत का भरोसा है लेकिन प्रभाग 28 के इस झगड़े ने पार्टी आलाकमान (मातोश्री) तक चिंता बढ़ा दी है। अब देखना यह होगा कि आपसी खींचतान के बीच मतदाता किसे चुनते हैं। पार्टी की सीटें बढ़ेंगी या यह कलह शून्य की ओर ले जाएगी।

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