महाराष्ट्र को दोहरा सम्मान, अशोक चव्हाण और श्रीकांत शिंदे को बड़ी जिम्मेदारी, मैत्री समूहों का करेंगे नेतृत्व

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के अशोक चव्हाण और डॉ. श्रीकांत शिंदे को भारत-अर्जेंटीना और भारत-इंडोनेशिया संसदीय मैत्री समूहों का नेतृत्व सौंपा गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में राज्य की भूमि
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parliamentary friendship grou (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Parliamentary Friendship Group: अंतरराष्ट्रीय संसदीय कूटनीति में महाराष्ट्र को दोहरी बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण को भारत-अर्जेंटीना संसदीय मैत्री समूह का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को भारत-इंडोनेशिया संसदीय मैत्री समूह का नेतृत्व सौंपा गया है। ये नियुक्तियां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा की गई हैं।

इस मैत्री समूह का मुख्य उद्देश्य भारत और अर्जेंटीना के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, संसदीय स्तर पर संवाद बढ़ाना और आपसी सहयोग के नए अवसर विकसित करना है। सांसद अशोक चव्हाण ने अपनी नियुक्ति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।

युवा नेतृत्व को मिली अहम जिम्मेदारी

डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस जिम्मेदारी को अपने लिए, अपनी पार्टी और महाराष्ट्र के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि वे सभी दलों के सांसदों के साथ मिलकर भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक साझेदारी को सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, लोकसभा अध्यक्ष बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू का आभार जताया। 39 वर्षीय डॉ. शिंदे इस प्रतिनिधिमंडल में सबसे युवा नेता होंगे, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की नई राजनीतिक पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करेंगे।

डॉ. शिंदे को दूसरी बार मौका

गौरतलब है कि डॉ. शिंदे इससे पहले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत यूएई, सिएरा लियोन और कांगो के दौरे के लिए गठित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का भी नेतृत्व कर चुके हैं। ये दोनों नियुक्तियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सक्रिय भूमिका और महाराष्ट्र के बढ़ते कूटनीतिक महत्व को दर्शाती हैं।

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