
दयाशंकर तिवारी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Dayashankar Tiwari action on rebels: पार्टी विरोधी कार्यकलाप करने वाले पूर्व नगरसेवकों और पदाधिकारियों को शहर भाजपा ने 6 वर्षों के लिए पार्टी ने निलंबित कर दिया। शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने यह कार्रवाई की। निलंबित किये जाने वालों में पूर्व नगरसेवक सुनील अग्रवाल, सुनीता महल्ले सहित पूर्व महापौर अर्चना डेहनकर के पति विनायक डेहनकर का समावेश है।
दयाशंकर तिवारी ने कहा कि महानगरपालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासन और पार्टी निष्ठा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके बावजूद जो कार्यकर्ता पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के विरोध में काम कर रहे हैं या स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं, ऐसे सदस्यों को पार्टी अनुशासन भंग करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण 6 वर्षों के लिए निलंबित करती है। इस कार्रवाई के तहत कुल 32 सदस्यों को पार्टी से निलंबित किया गया है।
जिन्हें निलंबित किया गया है उनमें सुनीता महल्ले, देवराज वासनिक, नसीमा बानो, सचिन खोब्रागडे, सुरेश टेंभरे, महेंद्र गुप्ता, पुष्पा किरपाने, रुणाल चौहान, सुनील अग्रवाल, विनायक डेहनकर, धीरज चव्हाण और अक्षय ठवकर, प्रकाश घाटे और पापा यादव, विशाल लारोकर, शुभम मौदेकर, सुलोचना कोवे और राकेश भनारकर का समावेश है।
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वहीं रविशंकर कुंभारे, दशरथ मस्के, आशीष भुते, नंदिनी भुते, टेकचंद सोनबोईर, नंदू अहीर, रेणु गेंडरे, शुभम पडोले, राजू घोसे, सुनील मानापुरे, सोनाली घोडमारे, दीपक चौधरी, आसावरी कोठीवान और सुनील मानेकर पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
दयाशंकर तिवारी ने स्पष्ट किया कि भाजपा अनुशासित कार्यकर्ताओं की पार्टी है। चुनाव के समय पार्टी का आदेश अंतिम होता है। जो कोई भी पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के लिए काम नहीं करेगा या पार्टी के विरोध में गुप्त गतिविधियां करेगा, उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।






