- Hindi News »
- Special Coverage »
- Compulsory Voting Debate India Supreme Court Democracy Discussion
नवभारत संपादकीय: मतदान अनिवार्य करने के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट
- Written By: अंकिता पटेल
Voting Rights Debate: भारत में मतदान अधिकार माना जाता है, कर्तव्य नहीं। अनिवार्य मतदान को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद लोकतंत्र और मतदाता जिम्मेदारी पर नई बहस शुरू हुई है।

Mandatory Voting Supreme Court ( सोर्स: सोशल मीडिया)
Mandatory Voting Supreme Court: भारत में चुनावी मतदान हमेशा से नागरिकों का अधिकार रहा है। यह कोई कर्तव्य या दायित्व नहीं है। यद्यपि लोगों से अनुरोध किया जाता है कि वह मतदान करें लेकिन वोट डालना या नहीं डालना उनकी मर्जी पर निर्भर है।
संविधान में कहा गया है कि ऐसा हर व्यक्ति जो भारत का नागरिक है, उसे हक, अधिकार या पात्रता (एनटाइटलमेंट) है कि वह चुनाव में मतदान के लिए खुद को वोटर के रूप में पंजीकृत कराए, संविधान में अनिवार्य मतदान का उल्लेख नहीं है।
यदि मतदान किसी नागरिक की इच्छा की अभिव्यक्ति है तो उसे अभिव्यक्ति की आजादी से संरक्षित रखा जाना चाहिए, इसमें मतदान नहीं करने की इच्छा का भी समावेश है। वैसे हर सजग नागरिक से उम्मीद की जाती है कि वह लोकतंत्र के हित में अपने मताधिकार का उपयोग करे, कभी भी शत-प्रतिशत मतदान नहीं हो पाता।
सम्बंधित ख़बरें
‘चाहती तो पर्दा डाल सकती थी सरकार, लेकिन…’, NEET-UG विवाद पर JDU सांसद की दोटूक, बोले- सरकार की नीयत साफ
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा लीलावती ट्रस्ट मामला, वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर जारी हुआ नोटिस
ठाणे की 193 एकड़ जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, 2800 करोड़ रुपये के TDR पर बढ़ा सियासी घमासान
30 मई का इतिहास : हिन्दी पत्रकारिता दिवस: 1826 में आज ही निकला था पहला हिन्दी अखबार ‘उदन्त मार्तण्ड’
ज्यादा से ज्यादा 60-65 प्रतिशत मतदान होता देखा गया है। यह मुद्दा इसलिए संदर्भ रखता है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कुछ ऐसी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए जिससे मतदान अनिवार्य हो जाए। ऐसा करने से अधिक योग्य व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए आकर्षित होंगे जिससे लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी और ‘नोटा’ का प्रावधान अनावश्यक हो जाएगा।
वास्तव में नोटा का प्रावधान इसलिए किया गया था ताकि बेहतर उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए मन बनाएं तथा मतदाताओं को वोटिंग के लिए प्रोत्साहन मिले। एक दशक के दौरान पाया गया कि बहुत कम मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया।
सुप्रीम कोर्ट विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई कर रहा था, जिसमें मांग की गई थी कि जिस चुनाव क्षेत्र में केवल एक उम्मीदवार खड़ा हो, वहां नोटा को उम्मीदवार माना जाए, इससे पता चलेगा कि उस अकेले प्रत्याशी को जनता का कितना विश्वास प्राप्त है। सुप्रीम कोर्ट ने मत व्यक्त किया कि नोटा को उम्मीदवार बनाने के लिए संसद को जनप्रतिनिधित्व कानून में संशोधन करना होगा।
यदि विश्व के देशों की स्थिति पर गौर करें तो अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, बोलिविया व ब्राजील में 18 से 70 वर्ष की आयु के नागरिकों के लिए मतदान अनिवार्य है। इसी तरह साइप्रस, मिस्र, ग्रीस, मेक्सिको, पेरू, उत्तर कोरिया, सिंगापुर, समोआ, युराग्वे व तुर्किए में भी नागरिकों के लिए वोटिंग करना कंपलसरी है।
सिंगापुर में किसी नागरिक ने मतदान नहीं किया तो उसका नाम मतदाता सूची से काट दिया जाता है। ब्राजील में यदि मतदान नहीं कर पाने की समुचित वजह नहीं बताई गई जैसे कि बीमार होना, प्रसूति होना, चलने-फिरने में असमर्थ होना आदि तो ऐसे नागरिक को सार्वजनिक सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें:-नवभारत विशेष: सचिन को आउट देने की गलती बकनर ने मानी
ऑस्ट्रेलिया में मतदान न करने वाले नागरिक पर 20 डॉलर जुर्माना लगाया जाता है। भारत में अनेक धनवान व्यक्ति प्रायः वोट डालने नहीं जाते। 2014 के चुनाव में अपने घरों से दूर काम करने वाले 28 करोड़ प्रवासी मजदूर वोट नहीं डाल पाए थे। घर बैठे दस्तावेज दिखाकर ऑनलाइन वोटिंग शुरू की जाए तो मतदान प्रतिशत बढ़ सकता है।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
Compulsory voting debate india supreme court democracy discussion
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
मुंबई-पुणे डेक्कन एक्सप्रेस बीच रास्ते में रुकी, यात्रियों को 2 घंटे तक करना पड़ा इंतजार
May 30, 2026 | 01:23 PMसंभाजीनगर: छावनी के रेजिमेंटल स्कूलों की जर्जर इमारतें घोषित खतरनाक, नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश पर लगी रोक
May 30, 2026 | 01:23 PMस्कूल गार्ड पर झपटा आवारा कुत्ता, CCTV वायरल होते ही डॉग लवर्स और लोगों के बीच छिड़ी बहस
May 30, 2026 | 01:21 PM15 साल में बंगाल का सत्यानाश…मंत्री दिलीप घोष का फूटा गुस्सा, बोले- नेता-मंत्री-अधिकारी सभी धोखेबाज- VIDEO
May 30, 2026 | 01:19 PMनागपुर में मेडिकल छात्रों के लिए नए नियम, 10 साल में पूरी करनी होगी MBBS, NMC ने जारी किया ड्राफ्ट
May 30, 2026 | 01:11 PMभोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान, कई घंटों की मशक्कत के बाद पाया गया काबू
May 30, 2026 | 01:09 PMMaruti की 5 नई कारें मचाएंगी धूम, Brezza Facelift से लेकर Electric MPV तक, कार लवर्स के लिए सुनहेरा मौका
May 30, 2026 | 01:07 PMवीडियो गैलरी

अब डॉलर पर होगी डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर, जानें किस नोट पर होंगे हस्ताक्षर और क्या कहता है कानून- VIDEO
May 30, 2026 | 11:34 AM
डीके शिवकुमार कब लेंगे सीएम पद की शपथ? ज्योतिषी ने चुन ली वो ‘खास तारीख’, दिसंबर तक नहीं है इससे शुभ दिन
May 29, 2026 | 11:10 PM
मास्टर जी आवारा पशुओं के लिए जुटाएंगे भूसा! बरेली शिक्षा विभाग के आदेश पर विवाद, देखें VIDEO
May 29, 2026 | 08:34 PM
’14 साल बाद सब्जी-भाजी…’, हमीरपुर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का सरकार पर तीखा हमला, जानें क्या कहा
May 29, 2026 | 02:50 PM
Vaibhav Sooryavanshi: मुंबई में आलीशान घर, महंगी कारें…इतनी है वैभव सूर्यवंशी की नेटवर्थ, देखें VIDEO
May 28, 2026 | 10:56 PM
कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, लेकिन वायरल हो गई ये खास तस्वीर; देखें वीडियो
May 28, 2026 | 10:55 PM














