-
बुध, 15 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Special Coverage »
- Compulsory Voting Debate India Supreme Court Democracy Discussion
नवभारत संपादकीय: मतदान अनिवार्य करने के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट
- Written By: अंकिता पटेल
Voting Rights Debate: भारत में मतदान अधिकार माना जाता है, कर्तव्य नहीं। अनिवार्य मतदान को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद लोकतंत्र और मतदाता जिम्मेदारी पर नई बहस शुरू हुई है।

Mandatory Voting Supreme Court ( सोर्स: सोशल मीडिया)
Mandatory Voting Supreme Court: भारत में चुनावी मतदान हमेशा से नागरिकों का अधिकार रहा है। यह कोई कर्तव्य या दायित्व नहीं है। यद्यपि लोगों से अनुरोध किया जाता है कि वह मतदान करें लेकिन वोट डालना या नहीं डालना उनकी मर्जी पर निर्भर है।
संविधान में कहा गया है कि ऐसा हर व्यक्ति जो भारत का नागरिक है, उसे हक, अधिकार या पात्रता (एनटाइटलमेंट) है कि वह चुनाव में मतदान के लिए खुद को वोटर के रूप में पंजीकृत कराए, संविधान में अनिवार्य मतदान का उल्लेख नहीं है।
यदि मतदान किसी नागरिक की इच्छा की अभिव्यक्ति है तो उसे अभिव्यक्ति की आजादी से संरक्षित रखा जाना चाहिए, इसमें मतदान नहीं करने की इच्छा का भी समावेश है। वैसे हर सजग नागरिक से उम्मीद की जाती है कि वह लोकतंत्र के हित में अपने मताधिकार का उपयोग करे, कभी भी शत-प्रतिशत मतदान नहीं हो पाता।
सम्बंधित ख़बरें
Navabharat Nishanebaaz: चंदा चोरी से लेकर चादर चोरी आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी
भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से कहा- मुस्लिमों को नमाज के लिए वैकल्पिक जगह दें
Mannat Renovation Case:’मन्नत’ के रेनोवेशन का रास्ता साफ! सुप्रीम कोर्ट ने शाहरुख खान को दी बड़ी राहत
Lalu Yadav Bail: सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को बड़ी राहत, देवघर चारा घोटाला में जमानत रहेगी बरकरार
ज्यादा से ज्यादा 60-65 प्रतिशत मतदान होता देखा गया है। यह मुद्दा इसलिए संदर्भ रखता है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कुछ ऐसी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए जिससे मतदान अनिवार्य हो जाए। ऐसा करने से अधिक योग्य व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए आकर्षित होंगे जिससे लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी और ‘नोटा’ का प्रावधान अनावश्यक हो जाएगा।
वास्तव में नोटा का प्रावधान इसलिए किया गया था ताकि बेहतर उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए मन बनाएं तथा मतदाताओं को वोटिंग के लिए प्रोत्साहन मिले। एक दशक के दौरान पाया गया कि बहुत कम मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया।
सुप्रीम कोर्ट विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई कर रहा था, जिसमें मांग की गई थी कि जिस चुनाव क्षेत्र में केवल एक उम्मीदवार खड़ा हो, वहां नोटा को उम्मीदवार माना जाए, इससे पता चलेगा कि उस अकेले प्रत्याशी को जनता का कितना विश्वास प्राप्त है। सुप्रीम कोर्ट ने मत व्यक्त किया कि नोटा को उम्मीदवार बनाने के लिए संसद को जनप्रतिनिधित्व कानून में संशोधन करना होगा।
यदि विश्व के देशों की स्थिति पर गौर करें तो अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, बोलिविया व ब्राजील में 18 से 70 वर्ष की आयु के नागरिकों के लिए मतदान अनिवार्य है। इसी तरह साइप्रस, मिस्र, ग्रीस, मेक्सिको, पेरू, उत्तर कोरिया, सिंगापुर, समोआ, युराग्वे व तुर्किए में भी नागरिकों के लिए वोटिंग करना कंपलसरी है।
सिंगापुर में किसी नागरिक ने मतदान नहीं किया तो उसका नाम मतदाता सूची से काट दिया जाता है। ब्राजील में यदि मतदान नहीं कर पाने की समुचित वजह नहीं बताई गई जैसे कि बीमार होना, प्रसूति होना, चलने-फिरने में असमर्थ होना आदि तो ऐसे नागरिक को सार्वजनिक सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें:-नवभारत विशेष: सचिन को आउट देने की गलती बकनर ने मानी
ऑस्ट्रेलिया में मतदान न करने वाले नागरिक पर 20 डॉलर जुर्माना लगाया जाता है। भारत में अनेक धनवान व्यक्ति प्रायः वोट डालने नहीं जाते। 2014 के चुनाव में अपने घरों से दूर काम करने वाले 28 करोड़ प्रवासी मजदूर वोट नहीं डाल पाए थे। घर बैठे दस्तावेज दिखाकर ऑनलाइन वोटिंग शुरू की जाए तो मतदान प्रतिशत बढ़ सकता है।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
Compulsory voting debate india supreme court democracy discussion
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
HCL Tech का बड़ा AI दांव, ₹3,500 करोड़ से बनेगा AI डेटा सेंटर, कर्मचारियों की संख्या भी घटी
Jul 15, 2026 | 08:24 AMराहुल गांधी की एंट्री से पंजाब कांग्रेस में हलचल, 12 घंटे में हो सकता है बड़ा ऐलान, दिल्ली पहुंचे कई नेता!
Jul 15, 2026 | 08:24 AMTrump Sanctions: ट्रंप का बड़ा बयान! रूस पर लगने वाले प्रतिबंधों की जद में आएंगे ईरान और हिज्बुल्लाह
Jul 15, 2026 | 08:24 AMमिशनरी स्कूल में धर्मांतरण का आरोप: प्रमोशन का लालच देकर धर्म बदलने का दबाव, हिंदू संगठनों ने किया हंगामा
Jul 15, 2026 | 08:16 AMNavabharat Nishanebaaz: चंदा चोरी से लेकर चादर चोरी आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी
Jul 15, 2026 | 08:13 AMठाणे होर्डिंग हादसा: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के निर्देश पर मनपा का एक्शन; रोनक एड का लाइसेंस रद्द, FIR दर्ज
Jul 15, 2026 | 08:07 AMLord Ganesha: गणेश जी की कृपा चाहिए? पूजा में चढ़ाएं ये खास फूल, इनसे करें परहेज
Jul 15, 2026 | 08:05 AMवीडियो गैलरी

नागपुर के सरकारी पार्क में लहलहा रही थी गांजे की फसल, BJP नेता के वीडियो शेयर करने पर मचा हड़कंप; VIDEO वायरल
Jul 14, 2026 | 11:09 PM
अयोध्या के बाद अंबाजी मंदिर में दान की चोरी, CCTV ने खोली पोल; प्रशासन ने उठाया ऐतिहासिक कदम, देखें VIDEO
Jul 14, 2026 | 10:53 PM
आगरा में प्रकट हुए बाबा बर्फानी, अलका लांबा के फ्रिज वाले बाबा पर तंज से बवाल; देखें VIDEO
Jul 14, 2026 | 10:36 PM
भोपाल पुलिस का पर्दाफाश! चौकी से 100 मीटर दूर चल रहा जुआ, अंदर मोबाइल में मस्त दिखे खाकी वाले, देखें VIDEO
Jul 14, 2026 | 10:29 PM
ट्रक ड्राइवर का कैमरा ऑन होते ही फुर्र हो गया बैरिकेड! वर्दी की आड़ में चल रहा था ₹200 का खेल? देखें VIDEO
Jul 14, 2026 | 10:06 PM
आगरा कैंट में रेलवे अफसर की पत्नी का छलका दर्द, बोलीं- ‘न्याय नहीं मिला तो पटरी पर दे दूंगी जान’, देखें VIDEO
Jul 14, 2026 | 09:12 PM













