
अस्त-व्यस्त पार्किंग बढ़ा रही समस्या (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur Parking Issues: नागपुर शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव के कारण ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। इसका प्रमुख कारण है कि व्यस्त सड़कों और बाजारों में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है। दोपहिया से लेकर चौपहिया वाहन चालक तक मजबूरी में सड़क पर ही वाहन पार्क करते हैं, जिससे यातायात बाधित हो जाता है। ऑरेंज सिटी में फ्लाईओवर और सीमेंट रोड की बदौलत विकास तो हो रहा है, लेकिन पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है।
इतवारी, गांधीबाग, महल और धरमपेठ जैसे बाजारों में अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण के कारण लोग वाहन लेकर जाने से घबराते हैं। बढ़ते वाहनों की संख्या को देखते हुए बाजारों के पास स्मार्ट मल्टी-लेवल पार्किंग की आवश्यकता महसूस की जा रही है। मुंबई, पुणे और दिल्ली की तर्ज पर नागपुर में भी पार्किंग प्लाजा विकसित होना जरूरी है। ऐसे प्लाजा से लोग सुरक्षित पार्किंग कर निश्चिंत होकर खरीदारी कर सकेंगे और सड़क से अतिक्रमण भी हटेगा।
गांधीबाग समेत कई स्थानों पर खाली प्लॉट्स को पार्किंग में बदला गया है, लेकिन वे बेहद छोटे होने के कारण मुश्किल से 7–8 गाड़ियां ही पार्क हो पाती हैं। जगह कम होने से लोग सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं। इतवारी और गांधीबाग की स्थिति सबसे खराब है, जहां वाहनों के साथ ई-रिक्शा, ऑटो और अतिक्रमणकारी सड़क को संकरा कर देते हैं, जिससे पैदल चलना भी कठिन हो जाता है।
मार्केट में व्यवस्थित पार्किंग प्लाजा के लिए व्यापारिक संगठनों ने अनेक प्रस्ताव प्रशासन को दिए हैं, जिनमें गांधीबाग पुलिस क्वार्टर के पास की जमीन भी सुझाई गई है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रस्ताव कागजों में ही सीमित रह जाते हैं।
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यदि पार्किंग प्लाजा बन जाए तो हजारों दोपहिया और सैकड़ों चारपहिया वाहनों की समस्या हल हो सकती है। कई वाहन चालक बाजार तो पहुँच जाते हैं, लेकिन पार्किंग जगह खोजने में ही काफी समय बर्बाद हो जाता है। परिणामस्वरूप शहर में कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर वाहन पार्क करें तो पुलिस उन्हें उठा ले जाती है। ऐसे में वाहन चालकों के सामने दोहरी समस्या खड़ी हो जाती है।






