लोहापुल अंडरपास 25 दिसंबर से होगा शुरु, वाहन चालकों को जाम से मिलेगी राहत

Cotton Market Underpass: कॉटन मार्केट लोहापुल अंडरपास 25 दिसंबर से फिर शुरू होगा। सात महीने से बंद रहने के कारण बढ़े जाम से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
लोहापुल अंडरपास 25 दिसंबर से होगा शुरु
लोहापुल अंडरपास 25 दिसंबर से होगा शुरु (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nagpur Lohapul Underpass: कॉटन मार्केट रेलवे अंडरपास (लोहापुल) पिछले सात महीनों से बंद है। इसके बंद रहने के कारण कॉटन मार्केट चौक पर रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हर दिन हजारों वाहन चालक ट्रैफिक में फंसकर कीमती समय गंवा रहे हैं। मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने 25 दिसंबर से अंडरपास को पुनः खोलने का निर्णय लिया है, जिससे दैनिक आवाजाही करने वाले नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

अंडरपास को मई में आवश्यक सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए बंद किया गया था। इसके बाद आसपास की सड़कों पर भारी ट्रैफिक दबाव बढ़ गया। न केवल सामान्य मार्ग बाधित हुए, बल्कि नज़दीकी वैकल्पिक रेलवे अंडर ब्रिज पर भी अतिरिक्त भार पड़ा। भारी वाहनों की आवाजाही से इन वैकल्पिक मार्गों की सड़कें टूटने लगीं और बजरी उखड़ गई, जिससे वाहन चालकों के लिए सुरक्षा संबंधी खतरा बढ़ गया।

महत्वपूर्ण मार्ग के बंद होने से बढ़ी परेशानी

कॉटन मार्केट अंडरपास शहर के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है, जो सीताबर्डी को कॉटन मार्केट से जोड़ता है और दोतरफ़ा यातायात को सुगम बनाता है। महल और नंदनवन क्षेत्रों से सिविल लाइंस जाने वाले लोग भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की अधिक संख्या के कारण यह मार्ग हमेशा व्यस्त रहता है।

7 महीने तक रही यातायात की समस्या

अंडरपास बंद होने के बाद सैकड़ों यात्रियों को आनंद टॉकीज और नए अंडरपास के रास्तों से चक्कर लगाकर गुजरना पड़ रहा था, जिससे पहले से ही व्यस्त क्षेत्रों में जाम की समस्या और बढ़ गई। नागपुर मंडल के एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने पुष्टि की है कि अंडरपास 25 दिसंबर से खोल दिया जाएगा।

वैकल्पिक मार्गों की जर्जर हालत

फिलहाल उपयोग किए जा रहे वैकल्पिक अंडर ब्रिज खराब स्थिति में हैं। पुराने अंडरपास के बगल वाला मार्ग तथा आनंद टॉकीज के पास का अंडरपास—दोनों की सड़कें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। टूटे पैच, उखड़ी बजरी और ऊबड़-खाबड़ लेन ने इन क्षेत्रों को विशेष रूप से दोपहिया चालकों के लिए जोखिम भरा बना दिया है। कई वाहन चालक इस मार्ग से गुजरते समय फिसलते या उछलते देखे गए हैं। यातायात पुलिस ने जाम को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं, लेकिन पीक ऑवर्स में जाम की समस्या अब भी बनी रहती है।

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