राज्य का स्वाभिमान ‘दिल्लीश्वर’ के पास गिरवी, प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने फडणवीस सरकार पर साधा निशाना

Harshvardhan Sapkal Statement: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने फडणवीस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य का स्वाभिमान ‘दिल्लीश्वर’ के पास गिरवी रखा गया है, कानून-व्यवस्था ध्वस्त है।
राज्य का स्वाभिमान ‘दिल्लीश्वर’ के पास गिरवी
राज्य का स्वाभिमान ‘दिल्लीश्वर’ के पास गिरवी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Nagpur Political News: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की समीक्षा करते हुए तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य का स्वाभिमान ‘दिल्लीश्वर’ के पास गिरवी रख दिया है और अमित शाह ही राज्य के वास्तविक मुख्यमंत्री बन गए हैं। कौन मंत्री बनेगा, उसका विभाग क्या होगा, किससे गठबंधन करना है, और राज्य के नीतिगत फैसले—सभी निर्णय केंद्र द्वारा लिए जा रहे हैं। पूरे साल में दो जिलों के पालक मंत्री तक तय नहीं किए जा सके।

सपकाल ने राज्य में बढ़ती अपराध दर और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुणे में बलात्कार जैसी घटनाओं पर राज्य मंत्री की टिप्पणी ‘थोड़ा-सा चिल्ला लिया होता’ जैसी थी। गृह राज्य मंत्री पर डांस बार चलाने और विधान मंडल में ताश के जुए खेलने के आरोप भी लगे। संतोष देशमुख और संपदा मुंडे जैसी हत्याओं ने कानून-व्यवस्था की पूरी तरह धज्जियां उड़ा दी हैं।

इतिहास की सबसे लाचार और अधम सरकार:सपकाल

सपकाल ने फडणवीस सरकार को इतिहास की सबसे लाचार और अधम सरकार बताते हुए कहा कि राज्य की सभ्यता और राजधर्म की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ‘गैंगवार प्रवृत्ति’ वाली है और पैसों के लिए लालची रवैया अपना रही है। उन्होंने केंद्र से विशेष पैकेज की मांग करते हुए कहा कि राज्य में विकास कार्यों और कर्मचारियों के वेतन के लिए फंड की कमी है।

विपक्ष के साथ व्यवहार को औरंगज़ेब और गोडसे से तुलना

सपकाल ने फडणवीस सरकार के विपक्ष के साथ व्यवहार को औरंगज़ेब और गोडसे से तुलना करते हुए जल्लाद जैसी कड़ी कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष कम से कम जनता से किए वादों को पूरा कर राज्य का भला किया जाना चाहिए। इस अवसर पर कांग्रेस पक्ष नेता विजय वडेट्टीवार, विधायक विकास ठाकरे, संदेश सिंगलकर और दिनेश बानाबाकोड़े भी उपस्थित थे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com