तिरंगा मोर्चा नहीं होगा रद्द, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन, ठाकरे बंधुओं का ऐलान

Raj Thackeray Uddhav Thackeray Tiranga Morcha Update: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी 26 जुलाई को तय समय पर निकलेगा तिरंगा मोर्चा। ठाकरे बंधुओं ने किया बड़ा ऐलान।
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उद्धव और राज ठाकरे (फोटो क्रेडिट-X)
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Raj Thackeray Uddhav Thackeray Press Conference Tiranga Morcha: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से इस्तीफा देने के बावजूद मुंबई में 26 जुलाई को आयोजित होने वाला ऐतिहासिक 'तिरंगा मोर्चा' रद्द नहीं होगा। इस संबंध में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों के अधिकारों के लिए निकाला जाने वाला यह आंदोलन अपने तय समय पर ही आयोजित किया जाएगा।

ठाकरे बंधुओं ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा महज एक शुरुआत है और जब तक छात्रों के भविष्य से जुड़ी सभी अन्य प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।

सिर्फ एक इस्तीफे से आंदोलन खत्म नहीं होगा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भले ही स्वीकार कर लिया गया हो, लेकिन छात्रों और विपक्ष द्वारा उठाए गए मूल मुद्दों का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि नीट (NEET) परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक के पीड़ितों को न्याय और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसी कई महत्वपूर्ण मांगे अब भी अधूरी हैं।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब तक सरकार इन सभी जायज मांगों पर कड़े और पारदर्शी कदम नहीं उठाती, तब तक इस आंदोलन को वापस लेने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।

नरेंद्र मोदी को दी गई चेतावनी का राज ठाकरे ने किया जिक्र

राज ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व की घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने काफी समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के दौरान इस गंभीर स्थिति को लेकर चेतावनी दी थी। राज ठाकरे के अनुसार, उन्होंने कहा था कि जिस प्रकार महाराष्ट्र में संकट के कारण किसान आत्महत्या करने को मजबूर होते हैं, उसी तरह यदि पेपर लीक की घटनाएं नहीं रुकीं तो आने वाले समय में देश के छात्र भी आत्महत्या के रास्ते पर चल सकते हैं।

उन्होंने अफसोस जताया कि सरकार ने समय रहते इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण आज स्थिति इतनी विकट और गंभीर हो चुकी है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर क्या माहौल है? (यहां देखें वीडियो)

नैतिकता और जवाबदेही पर उठाए तीखे सवाल

राज ठाकरे ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में शिक्षा मंत्री नैतिकता के आधार पर पद छोड़ सकते हैं, तो हमारे देश में ऐसा कदम उठाने में इतनी देरी क्यों हुई? उन्होंने कहा कि जिस तरह रेल दुर्घटना होने पर रेल मंत्री से जवाबदेही तय की जाती है, ठीक वैसे ही शिक्षा क्षेत्र में पेपर लीक जैसे बड़े घोटाले होने पर सीधे जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

दोनों नेताओं ने अंत में दोहराया कि 26 जुलाई को दादर के शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक मंदिर तक निकाला जाने वाला 'तिरंगा मोर्चा' पूरी ताकत और शांतिपूर्ण तरीके से अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगा।

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