-
शनि, 27 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- Maharashtra »
- Mumbai »
- Statewide Protest Against Public Security Bill Congress Ncp Sharad Pawar Factions Come Together
जन सुरक्षा विधेयक के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन, महाविकास आघाड़ी फिर आई एकसाथ
- Written By: आंचल लोखंडे
Public Security Bill: महाराष्ट्र में कांग्रेस, राकांपा (शरद चंद्र पवार) और अन्य विपक्षी दलों ने बुधवार को जन सुरक्षा विधेयक के खिलाफ राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया और इसे ‘‘जनविरोधी, बताया

जन सुरक्षा विधेयक के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Mumbai News: महाराष्ट्र में कांग्रेस, राकांपा (शरद चंद्र पवार) और अन्य विपक्षी दलों ने बुधवार को जन सुरक्षा विधेयक के खिलाफ राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया और इसे ‘‘जनविरोधी, तानाशाहीपूर्ण और कठोर” बताया। विधेयक का उद्देश्य वाम नक्सली संगठनों की गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाना और इसके तहत अपराधों को संज्ञेय तथा गैर-जमानती बनाना है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि विधेयक के प्रावधान अस्पष्ट हैं और उनका दुरुपयोग हो सकता है, जिससे असहमति का दमन हो सकता है और निर्दोष लोगों के खिलाफ अन्यायपूर्ण कार्रवाई हो सकती है।
कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के अलावा, शिवसेना (उबाठा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी (पीडब्ल्यूपी) और अन्य समान विचारधारा वाले संगठनों ने इस साल जुलाई में राज्य विधानमंडल द्वारा पारित महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक, 2024 के खिलाफ जिला और तालुका स्तर पर प्रदर्शन का संयुक्त आह्वान किया था। इस विधेयक में ‘‘गैरकानूनी” घोषित गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का प्रावधान किया गया है। वाम नक्सली संगठनों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए महाराष्ट्र विधानमंडल द्वारा पारित विशेष विधेयक की प्रमुख विशेषताओं में सात साल तक की कैद, 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और इसके तहत दर्ज अपराधों को संज्ञेय और गैर-जमानती के रूप में वर्गीकृत करना शामिल है।
तानाशाही के जरिये जनता की आवाज दबाने की कोशिश
राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में विधेयक के पारित होने से राज्यपाल की स्वीकृति के बाद इसके कानून बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया। पुणे शहर में, राकांपा (शरद चंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी पुणे रेलवे स्टेशन के पास डॉ. बी. आर. आंबेडकर स्मारक के पास एकत्र हुए और संविधान के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने सरकार की “तानाशाही प्रवृत्तियों” की निंदा की। सुले ने आरोप लगाया कि जन सुरक्षा की आड़ में लाया गया यह कानून सरकार को आलोचकों को सीधे जेल भेजने का अधिकार देगा। उन्होंने आरोप लगाया, “यह राज्य प्रायोजित तानाशाही के जरिये जनता की आवाज दबाने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है।”
सम्बंधित ख़बरें
कर्णप्रयाग मारपीट मामले में गिरफ्तार चारों निहंग सिखों को कोर्ट से मिली जमानत, सुनवाई रहेगी जारी
आगरा में स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ हिंदू महासभा का फूटा गुस्सा; पुतले को बांधकर ले गए मानसिक अस्पताल
TET पेपर लीक मामले में एक्शन में कांग्रेस, सपकाल-वडेट्टीवार ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
इंदौर नगर निगम में संपत्तिकर नामांतरण विवाद पर सियासत तेज, कांग्रेस ने लोकायुक्त जांच की मांग उठाई
सतेज पाटिल ने कोल्हापुर में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया
राकांपा (शरद चंद्र पवार) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने कोल्हापुर में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जबकि पार्टी नेताओं ने नांदेड़ में भी धरना और विरोध प्रदर्शन किया। राकांपा (शरद चंद्र पवार) नेता युगेंद्र पवार ने पुणे जिले के अपने गृहनगर बारामती में एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोलापुर के हिंगोली में प्रदर्शन किया।
माकपा ने जन सुरक्षा विधेयक को “जनविरोधी और असंवैधानिक” बताते हुए महाराष्ट्र के राज्यपाल से इसे मंजूरी न देने का आग्रह किया। पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. अजीत नवले ने कहा कि विधेयक में प्रयुक्त “गैरकानूनी गतिविधियां” और “गैरकानूनी संगठन” शब्द अस्पष्ट हैं और इनका दुरुपयोग हो सकता है, जिससे निर्दोष नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जन संगठनों के सदस्यों के खिलाफ अन्यायपूर्ण कार्रवाई हो सकती है।
लोकतांत्रिक असहमति का हिस्सा
उन्होंने कहा कि सरकार की संयुक्त जांच समिति को विधेयक पर लोगों से 12,700 प्रतिक्रियाएं मिली हैं, जिनमें से 9,500 ने इसे वापस लेने की मांग की। नवले ने कहा, ‘‘हालांकि, बिना किसी जन सुनवाई के और केवल तीन उपबंधों में मामूली बदलाव करके, सरकार ने अपने बहुमत का इस्तेमाल करते हुए विधेयक को विधानसभा और विधान परिषद से जल्दबाज़ी में पारित करा लिया।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस कानून का इस्तेमाल शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों, सविनय अवज्ञा, मार्च और सड़क जाम को दबाने के लिए किया जाएगा, जो लोकतांत्रिक असहमति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “यह एक जनविरोधी और संविधान-विरोधी कानून है जिसका दुरुपयोग सरकार निश्चित रूप से करेगी।”
ये भी पढ़े: लदान : CR को देश में दूसरा स्थान, एक माह में 5.61 मिलियन टन माल की लोडिंग
औद्योगिक घरानों का पक्ष लेने वाली नीतियां
माकपा ने मांग की कि राज्यपाल संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत इस पर अपनी सहमति रोककर विधेयक को पुनर्विचार के लिए विधानमंडल को वापस भेजे। कांग्रेस ने कहा कि सभी समान विचारधारा वाले दल तालुका और जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए। कांग्रेस ने विधेयक को “कठोर” और “तानाशाही” करार देते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल सरकार के खिलाफ असहमति को दबाने के जरिये के रूप में किया जाएगा। कांग्रेस ने एक बयान में कहा, ‘‘ ‘अर्बन नक्सल’ से निपटने के लिए पहले से ही कड़े कानून मौजूद हैं। नया कानून अनावश्यक है और इसका उद्देश्य कॉर्पोरेट-समर्थक नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को रोकना है, जिनमें कुछ औद्योगिक घरानों का पक्ष लेने वाली नीतियां भी शामिल हैं।”
संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह विधेयक गिरफ्तारी, कैद और यहां तक कि संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान करता है। कांग्रेस ने साथ ही, चेतावनी दी कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए गंभीर खतरा है। विपक्षी दलों ने अपने आंदोलन को तेज करने के लिए 2 अक्टूबर को भी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। कांग्रेस और राकांपा (शरद चंद्र पवार) कार्यकर्ताओं ने नागपुर में वैरायटी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष इस विधेयक के विरोध में प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Statewide protest against public security bill congress ncp sharad pawar factions come together
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
दिल्ली में फंसी अमेरिकी महिला की भारतीय ने की मदद, विदेशी बोली- भारत जैसा अपनापन कहीं नहीं मिला
Jun 27, 2026 | 09:01 PM‘वेलकम टू द जंगल’ की रिलीज के बावजूद नहीं थमी ‘कॉकटेल 2’, 8वें दिन कमाई के साथ बनाए तीन बड़े रिकॉर्ड
Jun 27, 2026 | 09:00 PMराम मंदिर दान विवाद: केंद्रीय मंत्री ने दी चेतावनी, तो प्रियंक खड़गे ने की निष्पक्ष जांच की मांग
Jun 27, 2026 | 09:00 PMमध्य रेल की 12 लोकल होगी रद्द! हजारों आम यात्री राम भरोसे, नॉन एसी की जगह चलेगी एसी लोकल
Jun 27, 2026 | 08:59 PMजेवर बनेगा देश का नया सोलर हब, CM योगी ने किया ऐलान; यूपी में 20,000 मेगावाट एनर्जी पैदा करने का लक्ष्य
Jun 27, 2026 | 08:57 PM‘My Life My Rule’! गीली सड़क पर साइकिल दौड़ाते अंकल का Video Viral, लोगों ने कहा- चाचा किसी से नहीं डरते
Jun 27, 2026 | 08:50 PMजन धन, आधार और UPI का कमाल, डिजिटल भुगतान में देश ने रचा इतिहास; 2 करोड़ से बढ़कर 24,162 करोड़ हुआ ट्रांजैक्शन
Jun 27, 2026 | 08:43 PMवीडियो गैलरी

Maharashtra TET 2026: देश मेंNEET के बाद अब महाराष्ट्र TET पेपर कैसे हो गया लीक?
Jun 27, 2026 | 07:07 PM
Strait of Hormuz में फिर भड़की आग! ताख पर संघर्षविराम,क्या शुरू होने वाली है नई जंग?, Video
Jun 27, 2026 | 04:30 PM
पासपोर्ट धारक भी भारतीय नहीं? MEA के इस नए स्पष्टीकरण के बाद क्यों छिड़ी बहस, जानिए असली कानून- VIDEO
Jun 26, 2026 | 10:53 PM
केंद्रीय कर्मचारियों की लग गई लॉटरी! फिटमेंट फैक्टर पर क्या है नया अपडेट, कितनी बढ़ेगी आपकी बेसिक सैलरी?
Jun 26, 2026 | 10:31 PM
होर्मुज में ड्रोन हमला! Iran की चेतावनी के बाद अब क्या करेगा America?, Video
Jun 26, 2026 | 05:08 PM
मायावती ने पाला, अखिलेश ने निकाला और अब सीएम योगी ने दी बड़ी जिम्मेदारी, भाजपा में उपाध्यक्ष बनीं पूजा पाल
Jun 26, 2026 | 02:17 PM














