महाराष्ट्र में SEBC को 10% आरक्षण लागू, इन 8 आदिवासी बहुल जिलों में मिलेगा लाभ

SEBC Reservation: महाराष्ट्र सरकार ने SEBC के लिए आरक्षण लागू करने का फैसला कर लिया है। सरकार ने इस उप-समिति द्वारा की गई सिफारिशों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया है।
SEBC Reservation: महाराष्ट्र सरकार ने SEBC के लिए आरक्षण लागू करने का फैसला कर लिया है। सरकार ने इस उप-समिति द्वारा की गई सिफारिशों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया है।
चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

SEBC Reservation: राज्य सरकार ने नासिक, धुले, नंदुरबार सहित आठ आदिवासी बहुल जिलों में जिला स्तरीय ग्रुप-सी और ग्रुप-डी संवर्ग पदों के लिए संशोधित आरक्षण और बिन्दु सूची तय की है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता वाली आरक्षण उप-समिति द्वारा की गई सिफारिश के बाद यह निर्णय लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में एक सरकारी निर्णय जारी किया है।

नासिक, धुले, नंदुरबार, पालघर, यवतमाल, रायगढ़, चंद्रपुर और गड़चिरोली जैसे आठ आदिवासी बहुल जिलों के लिए संशोधित आरक्षण के साथ-साथ सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के अनुरूप उपाय सुझाने के लिए बावनकुले की अध्यक्षता में एक कैबिनेट उप-समिति नियुक्त की गई थी।

समिति के विचारों पर विचार

इस समिति में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे, स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अतुल सावे, आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उइके आदि शामिल थे। सरकार ने इस उप-समिति द्वारा की गई सिफारिशों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया है।

इन वर्गों के लिए इतने प्रतिशत आरक्षण

नासिक, धुले, नंदुरबार और पालघर जिले में अनुसूचित जातियों के लिए 10%, अनुसूचित जनजातियों के लिए 22%, बेरोजगार जातियों (A) के लिए 3%, घुमंतू जनजातियों (B) के लिए 2.5%, घुमंतू जनजातियों (C) के लिए 3.5%, घुमंतू जनजातियों (D) के लिए 2%, विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए 2%, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 15%, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए 8%, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 8% और सामान्य वर्ग के लिए 24% आरक्षण निर्धारित किया गया है।

8 आदिवासी बहुल जिलों में लागू की जाएगी

यह आरक्षण बिंदु सूची इन आठ आदिवासी बहुल जिलों में लागू की जाएगी। इन जिलों में अन्य पिछड़ा वर्ग, वंचित जातियों और घुमंतू जनजातियों के प्रचलित आरक्षण के प्रतिशत और जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए समूह-ग और समूह-घ श्रेणियों में सीधी सेवा भर्ती के लिए संशोधित आरक्षण निर्धारित किया गया था।

इस संशोधित आरक्षण के अनुसार बिंदु सूची भी निर्धारित की गई है। राज्य में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण अधिनियम, 2024 के अंतर्गत, सरकारी सेवाओं में सीधी सेवा भर्ती और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com