

Mumbai News In Hindi: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे पर शिवसेना (यबीटी) के सांसद संजय राऊत ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम सिर्फ दिखावा बन रही है। यह मुख्यमंत्री के लिए फाइव स्टार पिकनिक है।
दावोस में लोकल कंपनियों से समझौते हो रहे हैं, जिससे दुनिया में जग हंसाई हो रही है। राऊत ने क मीडिया को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार लोगों के टैक्स के पैसे से विदेश यात्रा करके सिर्फ दिखावा कर रही है।
दावोस जाकर लोकल कंपनियों और मुंबई में हेडक्वार्टर वाली कंपनियों से समझौते पर हस्ताक्षर करना हास्यास्पद है। जेएसडब्ल्यू, लोढ़ा, पंचशील जैसी कंपनियों के ऑफिस मुंबई के बीकेसी में हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस को ऐसी कंपनियों से समझौते करने के लिए विदेश जाने की क्या जरूरत थी? ये एग्रीमेंट मुंबई में बैठकर भी किए जा सकते थे। इससे दुनिया के सामने महाराष्ट्र की इमेज हंसी का पात्र बन रही है।
राऊत ने कहा कि कई राज्यों के मुख्यमंत्री दावोस में एक-दूसरे से मिल रहे है और निवेश के नाम पर सिर्फ फोटो सेशन चल रहे हैं, उन्होंने सरकार के घोषित निवेश के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार कहती है कि पिछले पांच वर्षों में 75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है, लेकिन असल में यह निवेश कहां है, आंकड़े बढ़ाने के बजाय सरकार को दावोस और दूसरी यात्राओं पर हुए खर्च का हिसाब जनता के सामने पेश करना चाहिए और बताना चाहिए कि असल में कितना निवेश हुआ है।