Balasaheb Thackeray Jayanti पर असली शिवसेना पर फैसला, ठाकरे-शिंदे आमने-सामने

Mumbai News: सुप्रीम कोर्ट में असली शिवसेना को लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट की कानूनी लड़ाई की अंतिम सुनवाई फिर टल गई है। अब यह अहम बहस 23 जनवरी को बाल ठाकरे जयंती के दिन होगी।
Shivsena Symbol
शिवसेना चिन्ह (सौ. डिजाइन फोटो )
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Shiv Sena Symbol Legal Battle: सुप्रीम कोर्ट में असली शिवसेना पर दावे को लेकर उद्धव ठाकरे व एकनाथ शिंदे गुट के बीच चल रही लड़ाई पर अंतिम सुनवाई एक बार फिर टल गई।

शीर्ष अदालत ने बुधवार से इस पर अहम सुनवाई का ऐलान किया था लेकिन अब चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने आखिरी बहस पर सुनवाई 23 जनवरी यानी शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की जयंती पर शुरू होगी।

इससे पहले कोर्ट ने नवंबर 2025 में कहा था कि यह मामला काफी समय से पेंडिंग है। ऐसे में अब इसका तुरंत निपटारा किया जाना चाहिए लेकिन लगातार तारीख पर तारीख मिलने से ठाकरे गुट में नाराजगी है। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को जब असली शिवसेना की सुनवाई की बारी आई तो अंतिम बहस के लिए ठाकरे व शिंदे गुट के वकीलों ने 5-5 घंटे का समय मांगा।

वहीं सॉलिसिटर सुनवाई में जनरल एक अन्य मामले की व्यस्त थे। ऐसे में दोनों पक्षों की सहमति से अब इस मामले पर सुनवाई के लिए 23 जनवरी को सुबह 11 बजे का समय निश्चित किया गया। इस आखिरी बहस में उद्धव ठाकरे व एकनाथ शिंदे गुट के वकीलों के बीच जोरदार बहस होने की संभावना है।

हमारे धैर्य की परीक्षा : सरोदे

  • उद्धव गुट के वकील असीम सरोदे ने कहा कि हमारे संयम की परीक्षा ली जा रही है। महाराष्ट्र के करीब 13 करोड़ लोगों को इस फैसले का पिछले 2 साल से भी ज्यादा समय से इंतजार है।
  • हमें उम्मीद थी कि निकाय चुनाव के पहले फैसला आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शिंदे गुट ने गद्दारी करते हुए शिवसेना पार्टी व चुनाव चिन्ह धनुष बाण पर कब्जा कर लिया है।

40 MLA संग की थी बगावत

शिवसेना में बड़ा राजनीतिक भूकंप तब आया था, जब शिंदे ने शिवसेना के 40 विधायकों के साथ तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी। बाद में बीजेपी के सहयोग से राज्य में नई सरकार का गठन कर खुद सीएम बन गए थे।

जब इसके खिलाफ उद्धव ने चुनाव आयोग में अर्जी दाखिल की ती वहां से भी उन्हें बड़ा झटका लगा। आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना मानते हुए पार्टी का नाम व चुनाव चिन्ह उसके हवाले कर दिया। उद्धव ने इस फैसले की सुको में चुनौती दी है जिस पर लगातार सुनवाई चल रही है। लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं आया।

ZP चुनाव, सुको में नहीं हुई सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जिला परिषद चुनाव मामले की सुनवाई नहीं की, जल्द ही नई तारीख दी जाएगी। 50 प्रतिशत की सीमा पार होने पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी, यह स्पष्ट हो जाएगा। शेष 20 जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश तक कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि निर्णय 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर लिया आएगा या नहीं।

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