WEF दावोस में महाराष्ट्र की धाक, 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य

Devendra Fadnavis: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। पिछले वर्ष से भी बड़े विदेशी निवेश आने का उन्हें पूरा भरोसा है।
Devendra Fadnavis
देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने स्वीटजरलैंड के दावोस पहुंचे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास जाताया है कि इस साल भी महाराष्ट्र में भारी मात्रा में विदेशी निवेश आएगा। भारत में आने वाले निवेश के लिए महाराष्ट्र गेटवे ऑफ इंडिया है।

हम भारत के दूसरे राज्यों के साथ अच्छे मुकाबले में हैं। यह देश के लिए अच्छा है। 'महाराष्ट्र भरोसेमंद है। हम जो कहते हैं, वो करते हैं। यही वजह है कि दुनिया भर के उद्यमियों की महाराष्ट्र पहली पसंद है।

दावोस में महाराष्ट्र पवेलियन में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वभर के उद्यमियों और निवेशकों का महाराष्ट्र पर भरोसा बढ़ा है। पीएम मोदी ने एक विकसित भारत की यात्रा के लिए बैकग्राउंड तैयार किया है।

एक इकोसिस्टम बनाया गया है। महाराष्ट्र के सभी ज्योग्राफिकल एरिया के लिए इन्वेस्टमेंट मिलेंगे। इसके लिए 10 से 12 अलग-अलग सेक्टर की इंडस्ट्रीज के साथ कोऑर्डिनेशन किया जा रहा है। अब तीसरा मुंबई उभर रहा है। इसके लिए बड़े इन्वेस्टमेंट मिलने के संकेत हैं। हमारे पास अच्छा मेन्यू कार्ड है।

पिछले वर्ष के मुकाबले और भी बड़े निवेश होंगे

इसलिए हम निवेशकों को आकर्षित करने में सफल होंगे। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम एक तरह से इंडस्ट्री व निवेशकों के लिए गैदरिंग प्लेस है। हर साल हम यहां यह दिखाने आते है कि महाराष्ट्र में क्या है, इसमें क्या पोटेंशियल है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस साल भी पिछले साल के मुकाबले और भी बड़े निवेश होंगे, क्योंकि महाराष्ट्र देश में ऐसे इन्वेस्टमेंट और एग्रीमेट करने में लीडर है। महाराष्ट्र इस तरह से 60 से 65 एससीमेंट को इम्प्लीमेंट करने में सफल रहा है।

साल 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2030 तक महाराष्ट्र एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बन जाएगा। महाराष्ट्र ने पिछले एक दशक में 10 प्रतिशत से अधिक की एवरेज ग्रोथ रेट बनाए रखी है। राज्य तक 2032 तक देश की पहली ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बन सकता है। हालांकि साल 2030 तक इस माइलस्टोन तक और भी तेजी से पहुंचने का लक्ष्य है।

सीएम ने कहा कि मौजूदा ग्लोबल जियो पॉलिटिकल सिचुएशन चैलेंजिग है, लेकिन इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन के अनुमान के मुताबिक, ग्लोबल इकॉनमी में भारत एक 'ब्राइट स्पॉट' है। जहां दुनिया भर में ग्रोथ रेट धीमा हो गया है, वहीं महाराष्ट्र अपनी ग्रोथ रेट बनाए रखने में कामयाब हो रहा है और राज्य में बड़ी मात्रा में निवेश आ रहा है। पिछले साल भारत में हुए कुल फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट का 39% हिस्सा महाराष्ट्र में आया है। राज्य सरकार ने अब तक 15 से 16 पॉलिसी लागू की है।

महाराष्ट्र के पास देश की 60% डेटा सेंटर कैपेसिटी

  • पिछले साल महाराष्ट्र में 16 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे, जहां नेशनल लेवल पर एमओयू का कन्वर्जन रेट आमतौर पर 25 से 30 प्रतिशत होता है, वहीं महाराष्ट्र में यह रेट 50 से 55 फीसदी है। दावोस एग्रीमेंट्स के मामले में यह 75 से 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हर निवेशक को लैंड एलोकेशन, अप्रूवल प्रोसेस, 'वॉर रूम' के जरिए इंडस्ट्री सेक्टर से जोड़ा जा रहा है।
  • महाराष्ट्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में लीड कर सकता है। महाराष्ट्र के पास देश की 60 फीसदी डेटा सेंटर कैपेसिटी है। महाराष्ट्र अब भारत की 'डेटा सेंटर कैपिटल' बन गया है। एजु-सिटी, इनोवेशन सिटी और 35 लाख हाई-पेइंग जॉब्स एजु-सिटी, इनोवेशन सिटी, स्पोर्ट्स सिटी, मेडिसिटी और जीसीसी सिटी नवी मुंबई एयरपोर्ट के पास बनाए जा रही है।
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